3 दिसंबर, यमुनानगर—यमुनानगर की साढौरा विधानसभा से एक बार बीएसपी और दूसरी बार आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके लाल सिंह पंजलासा पर 46 लाख की ठगी का आरोप लगा है.पीड़ित परिवार ने एसपी से मिलकर इस मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कही है। मामला इकोनॉमिक्स सेल में चला गया है।इकोनामिक सेल के इंचार्ज सुभाष चंद्र का कहना है कि पीड़ित परिवार फ़िलहाल पुख्ता दस्तावेज नहीं दिखा पाया है। हमने जितनी बार लाल सिंह से संपर्क किया उन्होंने ईमेल के जरिए अपना जवाब भी भेजा है।
यमुनानगर की साढोरा विधानसभा से एक बार बीएसपी तो दूसरी बार आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके लाल सिंह पंजलासा पर 70 साल की अंगूरी देवी ने 46 लाख रू की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने एसपी से मिलकर इस मामले में एक बार फिर से शिकायात दी है.अंगूरी देवी अपना बैंक अकाउंट भी साथ लेकर एसपी के पास पहुंची जिस अकाउंट से तीन बार लाल सिंह पंजलासा को पैसे ट्रांसफर किए गए अंगूरी देवी की माने तो उनकी जमीन सरकार ने एक्वायर की थी और उसी के पैसे उन्हें मिले थे. जिसकी जब लाल सिंह को भनक लगी तो लाल सिंह ने अंगूरी देवी के पति को अपने झांसे में ले लिया और ब्याने के नाम पर उनसे जमीन दिलवाने के नाम पर तीन बार पैसे लिए जिसकी कुल रकम 46 लाख रुपए बनती है। हालांकि इस मामले को लेकर उन्होंने पहले भी पुलिस में शिकायत दी थी और यह मामला पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया ऐसे में जी स्टाफ को इस शिकायत पर निवारण करने के लिए भेजा उन पर भी अब पीड़ित परिवार आरोप लग रहा है पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने पैसे वापस लेने के लिए नीचे से लेकर ऊपर तक शिकायत से भेजी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि लाल सिंह रसूखदार राजनीतिक आदमी है और ऐसे में कोई भी इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहता अभी जिसके पास यह शिकायत थी उसने लाल सिंह पंजलासा को थाने में बुलाने की जगह उसको व्हाट्सएप पर ही उसके बयान यमुनानगर में मंगवा कर मामला रफा दफा करने की ठान ली जिसके बाद एक बार फिर से पीड़ित परिवार अब एसपी कार्यालय में पेश होकर इस पूरे मामले की दोबारा से जांच करवाने की बात कह रह है।
पीड़ित परिवार लंबे समय से स्थान के चक्कर काट कर थक चुका है और ऐसे में पीड़ित परिवार की माने तो अंगूरी देवी का पति भी इसी के चलते हार्ट अटैक का शिकार हो गया था और अपनी जान से हाथ धो बैठा लेकिन उसके बाद भी अभी तक आरोपी ने अंगूरी देवी को पैसे वापस नहीं दिए। ऐसे मे फिर से मामले की जांच दोबारा उठ गई। इकोनामिक सेल के इंचार्ज सुभाष चंद्र का कहना है कि अभी तक पीड़ित परिवार लाल सिंह के खिलाफ पुख्ता दस्तावेज नहीं दे पाया है जिससे उन पर बड़ा एक्शन हो सके। उन्होंने बताया कि यह मामला साल 2006 का है। हमने जितनी बार लाल सिंह से संपर्क किया उन्होंने ईमेल के जरिए अपना जवाब भेजा है। अगर पीड़ित परिवार कुछ अहम दस्तावेज हमें देता है तो हम उसे पर उचित कार्रवाई करेंगे।







