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कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट कृष्ण बेदी ने विद्युत विभाग के अधिकारी की लगा दी क्लास

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यमुनानगर, 25 नवंबर–यमुनानगर में कष्ट निवारण समिति की बैठक में भाग लेने के लिए कैबिनेट कृष्ण बेदी पहुंचे.यहा उन्होंने कई मामलों में अधिकारियों की जमकर क्लास ली, खासतौर पर एक बैंक के मामले में मंत्री से लेकर जिला उपायुक्त ने भी बैंक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह दी तो वहीं दूसरी तरफ बिजली अधिकारियों को लेकर भी बेटी ने यह तक कह दिया कि क्यों ना अधिकारियों के मीटर के बीच जांच की जाए क्योंकि फिक्स बिल के नाम पर वह लोगों से लाखों रुपए का बिल भेजने का काम कर रहे हैं।
यमुनानगर में कष्ट  निवारण समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आज कृष्ण बेदी लघु सचिवालय में पहुंचे यहां पहुंचने पर उनके सामने कल 16 शिकायते सामने आई शुरुआत में ही पुलिस, बिजली नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ लोग शिकायत लेकर पहुंचे। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ पहले से ही एक्शन लिया गया था लेकिन आज की बैठक में दोबारा उन पर कार्रवाई करने के आदेश दे दिए और वह भी जब स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ और के खिलाफ।क्योंकि इन लोगों ने सीवरेज की पाइपलाइन के साथ-साथ पीने के पानी की भी पाइपलाइन डाल दी थी और उसकी शिकायत लेकर लोग कष्ट निवारण समिति में पहुंचे थे लेकिन इस समय बड़ा मुद्दा बिजली विभाग का था. दरअसल एक बीपीएल परिवार को चार लाख से अधिक रुपए का बिल विद्युत विभाग ने भेज दिया। बता दे कि उसको फिक्स बिल हर महीने का 11000 में भेजा जा रहा था जबकि उसके हर महीने के यूनिट पहले 40 से 50 ही लगते थे और फिक्स में उनके यूनिट भी बढ़ा दिए गए जिस पर मंत्री जी गुस्से में आए  और उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारी की जमकर क्लास लगा दी और यह भी कह दिया कि क्यों ना आप लोगों के भी मीटर चेक किया जाए हालांकि मंत्री ने तुरंत प्रभाव से इस फिक्स्ड बिल की जांच करने के आदेश भी दिए और कहा कि ऐसे यह विभाग गरीबों के खिलाफ तो एक्शन लेता है लेकिन कभी अपने मीटर चेक नहीं किया .
कृष्ण बेदी के सामने एक ऐसा मामला आया कि एक ट्रक चालक ने पंजाब नेशनल बैंक में अपनी पत्नी के खाते में डेढ़ लाख रुपए जमा कराया था लेकिन उसके खाते की जमा की रसीद तो उन्हें दे दी लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी उसके खाते में यह पैसे नजर नहीं आए हालांकि बैंक का मानना था कि उनका एक कर्मचारी पैसों का गबन कर चला गया है और ऐसे में उसे बैंक ने निकाल दिया है जिस पर मंत्री और जिला उपायुक्त ने संज्ञान लिया और कहा कि इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक भी गोषी है और पीड़ित से शिकायत लेकर वह खुद इस मामले में कार्रवाई करेंगे हालांकि इस मामले में बैंक ने अपनी तरफ से इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी लेकिन मंत्री की जांच के बाद उन्होंने बैंक को ही दोषी ठहरा दिया और इस मामले में कार्रवाई करने के आदेश दे दिए

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