21 नवंबर, सिरसा–हरियाणा के सिरसा जिले की नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है. इसके साथ ही अध्यक्ष सूरजभान बुमराह की कुर्सी भी बच गई है.कुर्सी बचाने पर सूरजभान रो पड़े. सूरजभान ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को छोड़ इनेलो का दामन थामा था तभी से उनकी कुर्सी चलने के प्रयास तेजी से चल रहे थे चेयरमैन की कुर्सी बचाने से अब सिरसा में भाजपा को झटका लगा है।
अविश्वास प्रस्ताव पर 22 में से 13 वोट पक्ष में पड़े
बुधवार को नाथूसरी चोपटा ब्लॉक डेवलपमेंट पंचायत ऑफिस कार्यालय में एडीसी लक्षित सरीन और बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में समिति के 30 सदस्यों में से 22 सदस्य शामिल हुए इनमें से 13 सदस्यों ने सूरजभान के पक्ष में और 9 सदस्य विपक्ष में रहे अविश्वास प्रस्ताव में जीत के बाद अध्यक्ष सूरजभान भावुक हो गए।
सूरजभान ने जताई ये आशंका
मीडिया से बातचीत करते हुए सूरजभान ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़ इनेलो का दामन थामा था,जिसके बाद उनको अध्यक्ष पद से हटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा था. उन्होंने कहा कि पंचायत समिति के सदस्यों का उनको समर्थन है आज भी उनके साथ है और उनकी कुर्सी भी कायम है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग उनकी ह.त्या करवाने का काम कर सकते हैं। इसके साथ ही अध्यक्ष ने एडीसी पर भी मीटिंग को कंडक्ट नहीं करवाने का आरोप भी लगाया है।
बता दे कि नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष के खिलाफ 11 नवंबर को कई सदस्यों ने डीसी को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सोपा था. उन्होंने आरोप लगाया था कि अध्यक्ष की कार्यशैली से कोई भी व्यक्ति संतुष्ट नहीं है क्योंकि वह नियमों के अनुसार उसकी सहमति के बिना कार्य कर रहा है जो कि गलत है इस कारण हम उसके खिलाफ है और विश्वास प्रस्ताव पारित करना चाहते हैं।नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष का चुनाव 23 दिसंबर 2022 को हुआ था, जिसमें सूरजभान गुमराह को शर्मिति से अध्यक्ष और मांगेराम पूनिया को वाइस चेयरमैन चुना गया था







