19 नवंबर, यमुनानगर -खेतों में धान की बंपर पैदावार के बावजूद रादौर अनाज मंडी में इस बार गत वर्ष की अपेक्षा एमएसपी खरीद वाली एक लाख क्विंटल धान कम पहुंची है। मार्किट कमेटी के अधिकारी इसके पीछे इस बार मोटी धान की बजाए बारीक धान के प्रति किसानों का रुझान बढ़ना बता रहे है।
मार्किट के सचिव अफसर सिंह का कहना ये
मार्किट के सचिव अफसर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष रादौर अनाजमंडी सहित इसके अधीन आने वाले गुमथला व जठलाना मंडियों में करीब सात लाख सात हजार क्विंटल धान की खरीद हुई थी, लेकिन इस बार एक लाख क्विंटल धान की खरीद कम हुई है। उन्होंने बताया कि इसकी भरपाई बारीक धान जो पिछले साल एक लाख अठारह हजार क्विंटल मंडी में बिक्री के लिए आई थी, जोकि इस बार बढ़ के एक लाख छियासी हजार के करीब पहुंच गई है। वहीं उन्होंने बताया कि तक़रीबन सभी किसानों की पेमेंट 48 घंटे में कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर से सरकारी खरीद बंद कर दी गई है। इस समय मंडी में नॉन बासमती धान पहुंच रही है, जिसकी खरीद का कार्य अब प्राइवेट परचेजर्स द्वारा किया जा रहा है। वही उन्होंने कृषि मंत्री से रादौर में एक्सटेंशन मंडी बनवाए जाने की मांग की है, ताकि सीजन में किसानों व आढ़तियों को जगह को लेकर किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।







