Home Haryana प्रदेश में सरकारी स्कूलों की हालत बदहाल, 12 साल में घटे 5...

प्रदेश में सरकारी स्कूलों की हालत बदहाल, 12 साल में घटे 5 लाख छात्र: कुमारी सैलजा

251
0

चंडीगढ़  | अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में सरकारी स्कूलों की गिरती हालत पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की उपेक्षा के चलते पिछले 12 वर्षों में सरकारी स्कूलों से पांच लाख बच्चों की संख्या कम हो गई है।

सांसद कुमारी सैलजा ने एक बयान में कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति की बात तो कर रही है, लेकिन जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत या नए भवनों के निर्माण के लिए उसके पास न तो बजट है और न ही इच्छा शक्ति। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निजी स्कूलों को बढ़ावा देकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने की साजिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा पूरी तरह से निजी हाथों में चली गई तो गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई महज एक सपना बनकर रह जाएगी। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि प्रदेश की जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि सरकारी स्कूलों में नामांकनों की संख्या घट रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में शिक्षा की भूमिका सबसे अहम है और हर बच्चे को शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब बच्चों को शिक्षा देने के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। निजी स्कूलों में गरीब छात्रों के लिए चलाई जाने वाली योजनाएं भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो रही हैं।

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2014 में हरियाणा की जनसंख्या जहां 2.53 करोड़ थी, वहीं 2024 में बढ़कर 3.78 करोड़ हो गई है। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है।

सरकारी स्कूलों में बदहाली का आलम

सांसद ने कहा कि सरकारी स्कूलों में या तो भवन नहीं हैं या फिर वे जर्जर हालत में हैं। कई जगह पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जहां बच्चे हैं वहां शिक्षक नहीं और जहां शिक्षक हैं, वहां बच्चे नहीं। यह पूरी स्थिति सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षकों को प्राइवेट स्कूलों की तुलना में कई गुना अधिक वेतन दिया जाता है, इसके बावजूद शैक्षणिक परिणाम निजी स्कूलों के बेहतर हैं। सरकार को समझना चाहिए कि शिक्षा को व्यवसाय बनने से रोकना जरूरी है। सरकारी स्कूलों को इतना मजबूत बनाया जाए कि हर अभिभावक अपने बच्चों को वहां पढ़ाने के लिए प्रेरित हो।

शिक्षा क्षेत्र में गिरावट के आंकड़े

कुमारी सैलजा ने बताया कि 2013-14 में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 27,28,891 थी, जो 2025-26 तक घटकर 19,09,000 रह गई है। उन्होंने सरकार से शिक्षा क्षेत्र पर प्राथमिकता के साथ ध्यान देने की मांग की है, ताकि देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

27 अप्रैल को करनाल दौरे पर रहेंगी सांसद कुमारी सैलजा

सांसद कुमारी सैलजा 27 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे करनाल के सेक्टर-7 स्थित शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। इसके बाद वे अंबाला का भी दौरा करेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here