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अंबाला शहर में स्थिति ऐतिहासिक माँ दुःख भंजनी काली माता मंदिर की विशेष महत्ता

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अम्बाला,3 अक्टूबर –आज से माता के नवरात्रे शुरू हो गए है हर तरफ मंदिरो में ही नहीं घर घर में माता की जोत जलाई जा रही है ! अंबाला शहर में स्थिति ऐतिहासिक माँ दुःख भंजनी काली माता मंदिर की विशेष महत्ता है नवरात्रो के दिनों मे यहाँ पर भक्तो का तांता लगा रहता है ! मंदिर के पुजारी की माने तो लोग यहाँ पर दूर दूर आते है और उनकी मनोकामना पूरी होती है ! वही लोगो का कहना है कि वे माता के मंदिर में लगातार आ रहे है  माता उनकी सभी मनोकामना पूरी करती है !
नवरात्रो के पूरे नौ दिनों माता की विशेष रूप से पूजा की जाती.है मंदिर के प्रशासन भी नवरात्रो से पहले ही माता के मंदिर में पूरी तैयारियां कर लेते है और सुबह से ही लोग मंदिर में आने लगते है और ये सिलसिला शाम तक चलता रहता है ! मंदिर  के पुजारी पंकज शर्मा ने बताया कि साल में नवरात्रे दो बार आते है इस बार माता जी की ज्योति का मिलन  उत्तराखंड के श्रीनगर के मंदिर में है,वहां से ही माता की ज्योति को लाया गया है जो मंदिर में विराजमान है. उन्होंने बताया कि इस मंदिर का विशेष महतत्त्व है और इस बार मंदिर में बाहर से आये हुए भक्तो को हर समय लंगर मिलेगा ! उन्होंने बताया कि रविवार को मंदिर में माता का दूध से स्नान करवाया जायेगा ! उन्होंने बताया कि नौ के नौ दिन मंदिर में मता के भक्त सुबह से शाम तक आते रहते है क्योंकि माता सबकी मनोकामना पूरी करती है !
वही मंदिर में आये भक्तो का कहना है कि वे लगातार कई वर्षो से मंदिर में आ रहे है और उनकी सभी मनोकमना पूरी होती है ! उनका कहना है कि नवरात्रो में माता के मंदिर का विशेष महत्त्व होता है यहाँ लगातार आने से ही माता सबकी मनोकामना पूरी कर देती है ! महिलाओ ने बताया कि वे नौ दिन व्रत रखती है और आख़री दिन माता की कंचक करने के बढ़ ही व्रत खोलती है !

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