30 सितम्बर, अम्बाला :- अम्बाला छावनी से आजाद उम्मीदवार चित्रा सरवारा ने आरोप लगाया कि चुनाव का समय होने के बावजूद भाजपा सरकार आज भी जनता की सुनने के लिए तैयार नहीं है और उसके कृत्य ‘विनाश काले, विपरीत बुद्धि’ जैसे हैं। पंजोखरा साहिब क्षेत्र के नज़दीक किसानों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय कार्य है और किसानों पर जो लाठियां बरसाई जा रही हैं, भाजपा को चुनाव में बहुत भारी पड़ेंगी।
रविवार को अपने चुनाव प्रचार के दौरान चित्रा सरवारा को समाज के कई वर्गों का भारी समर्थन मिला। यादव समाज के अध्यक्ष करण यादव के नेतृत्व में समस्त यादव समाज और अम्बाला छावनी के ब्राह्मण समाज ने जहां उन्हें भरपूर समर्थन का ऐलान किया, वहीं पंजोखरा साहिब गांव के वरिष्ठ भाजपा नेता गुरविंदर सिंह पंजोखरा और आम आदमी पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष गौरव चहल ने भी अपने साथियों के साथ चित्रा सरवारा का समर्थन करने की घोषणा की। इसके अलावा अम्बाला छावनी बार एसोसिएशन ने चित्रा सरवारा का पूरा साथ निभाने का वायदा करते हुए समर्थन का ऐलान किया। इस दौरान जब ग्वाल समाज की महिलाओं ने पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया तो भावुक हुईं चित्रा सरवारा ने कहा कि वह इस पगड़ी का हमेशा पूरा मान-सम्मान रखेंगी। इसके अलावा जगह-जगह लोगों ने फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।
किसानों द्वारा भाजपा नेताओं का विरोध किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए चित्रा सरवारा ने आरोप लगाया कि भाजपा जब-जब सत्ता में आई है तो इसने सबसे पहला वार किसान और किसानी पर किया है। वर्ष 2014 में सत्ता में आते ही भाजपा भूमि अधिग्रहण बिल ले आई और 2019 में दोबारा सत्ता में आते ही तीन काले कृषि कानून लाकर किसानों पर निशाना साधा। आज जब किसान भाजपा नेताओं को किसी गांव में घुसने से रोकते हैं तो उन पर गुंडागर्दी का इल्जाम लगाया जाता है और जब किसान अपनी बात रखना चाहते हैं तो उन पर कभी कीलें बिछाकर, कभी वाटर कैनन से बौछारें करके,कभी गोलीबारी, कभी आंसू गैस तो कभी लाठीचार्ज करके जुल्म किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह नारायणगढ़ रोड से गुजर रही थी तो किसानों ने उन्हें रोककर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बातें रखीं। सबसे दुख की बात यह है कि जब किसी पार्टी को सत्ता के माध्यम से पुलिस-प्रशासन मिलता है तो वह पुलिस का डंडा उसी जनता पर बरसाने लगी है, जिन्होंने उन्हें यह सत्ता सौंपी है।







