पानीपत, 18 सितम्बर : कहते हैं की प्रतिभा कभी किसी से छुपाए नहीं छिपती। गांव की माटी निकलकर देश का नाम रोशन करने वाली ऐसी ही एक प्रतिभा है नवदीप श्योराण। पेरिस पैरालंपिक में जैवलिन थ्रो में देश की झोली में स्वर्ण पदक डालने वाला नवदीप मंगलवार को अपने पैतृक गांव बुआना लाखु पहुंचे। गांव वालों ने उनके स्वागत के लिए आंखे बिछा दी। इस दौरान जिस स्कूल में नवदीप ने 12वीं कक्षा तक अपनी पढ़ाई की उसी यूनिक पब्लिक स्कूल में उनके स्वागत के लिए भव्य समारोह आयोजित किया गया। स्कूल में नवदीप और उनके कोचों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। आसपास के दर्जन हर गांवों के युवाओं ने उनके स्वागत के लिए एक बड़ी ट्रैक्टर रैली भी निकाली। इस दौरान नवदीप के स्वागत के लिए युवाओं में काफी जोश देखा गया।
गांव वालों की खुशी मेरे लिए अमूल्य -नवदीप श्योराण
इस दौरान ट्रेक्टर रैली पुगथला, चमराडा, मांडी, इसराना, बांध, शाहपुर होते हुए नवदीप के पैतृक गांव बुआना लाखु पहुंची। ग्राम पंचायत बुआना लाखु ने नवदीप के सम्मान के लिए समारोह आयोजित किया।इस दौरान नवदीप ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि गांव के साथ-साथ मुझे पूरे देश से बहुत प्यार मिल रहा है। गांव वालों की खुशी मेरे लिए अमूल्य है। नवदीप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात बहुत अच्छी रही और उन्होंने पूरी इंडियन टीम को संबोधित करते हुए सब का उत्साह बढ़ाया। एक छोटे से गांव से निकलकर इतने बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपने कोच, अपने परिवार और अपनी टीम को इसका श्रेय दिया।
कुश्ती छोड़कर..भाला फेंकने के लिए नीरज चोपड़ा से मिली प्रेरणा
कुश्ती छोड़कर भाला फेंकने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए वह गोल्डन बाय नीरज चोपड़ा से प्रेरित हुए। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने पर उन्होंने कहा कि अभी मुझे देश के लिए खेलना है और देश के लिए और मेडल लाने हैं, फिलहाल मेरा और कोई विचार नहीं है।बड़ी बेसब्री से गांव पहुंचने का नवदीप का गांव में पहुंचने का इंतजार कर रहे ग्रामीण और परिवार जनों ने कहा कि हमें आज बहुत खुशी हो रही है.गांव वालों ने भी नवदीप को सर आंखों पर बिठाकर फूलों और नोटों की मालाओं से पहन कर उनका अभिनंदन किया.माता मुकेश देवी का कहना है कि उन्हें बहुत खुशी हुई।नवदीप के कोचों ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि नवदीप का आज के दिन इतना भव्य स्वागत किया गया।







