कैथल, 13 सितम्बर -मनरेगा मेट एवं कामगार संघ ने आदित्य सुरजेवाला को समर्थन दिया है.इसके लिए राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने संघ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 60 हजार करोड़ मनरेगा का बजट कम कर दिया। यानी एससी और ओ बी सी समाज का बजट कम कर दिया। कांग्रेस सरकार में मनरेगा की पेमेंट 7 दिन के भीतर की जाती थी, लेकिन अब 6 महीने तक मनरेगा की पेमेंट नहीं की जाती। कितने दिन में तो मजदूर भूखा मर जाएगा। मनरेगा को फेल करने का यह भाजपाई षड्यंत्र है। भाजपा ने पहली बार यह शर्त लगाई कि मनरेगा की हाजिरी ऑनलाइन लगेगी, अंगूठा लगेगा। बड़ी उम्र का जो व्यक्ति लगातार मजदूरी करेगा। उसके अंगूठे की रेखाएं अक्सर मिट जाती हैं तो आपको पैसा ही नहीं मिलेगा।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अगर खट्टर साहब ने या नरेंद्र मोदी ने, नायब सैनी ने या लीलाराम ने कभी मनरेगा मजदूर के तौर पर काम किया होता तो वह यह बात जान पाते। कई जगह इंटरनेट नहीं चलता तो मनरेगा मजदूरों को उनकी दिहाड़ी मिलने में बहुत कठिनाई होती है। अगर किसी मनरेगा मजदूर का एक्सीडेंट हो जाए या उसकी मौत हो जाए तो उसकी सहायता करने का कोई प्रावधान नहीं। इसके बाद उसका परिवार दर-दर की ठोकने खाने को मजबूर होता है। इसका क्या हल है। भारत सरकार ने सहमति जता दी है कि मनरेगा मजदूर को कंस्ट्रक्शन लेबर में शामिल कर लिया जाएगा। जैसे ही मनरेगा मजदूर कंस्ट्रक्शन लेबर में शामिल हो जाए तो ऑटोमेटिक उन्हें बीमा मिलना शुरू हो जाएगा होगा, कंपनसेशन मिलना शुरू हो जाएगा और उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्चा मिलना शुरू हो जाएगा। हजारों करोड़ रूपया सरकार के पास कंस्ट्रक्शन लेबर के लिए जमा है। सरकार को यही सुझाया है। केंद्र और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी तो इसे लागू कर दिया जाएगा।







