12 अगस्त, जींद : एन०एच०एम० कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सभी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखने को मिला। जिसमें लेबर रूम में डिलीवरी का कार्य, नर्सरी में नवजात शिशुओं की देखरेख का कार्य, के.एम.सी. यूनिट, रैफरल ट्रांसपोर्ट एम्बुलेंस सुविधा न मिलना, जन्म-मृत्यु विभाग कार्य,मैन्टल हैल्थ, केंद्रीय औषधि विभाग कार्य, स्कूल हैल्थ (आर.बी.एस.के. व आर.के.एस.के.) टीम द्वारा फील्ड में बच्चों के स्वास्थ्य जांच कार्य, एन.सी.डी., एन.आर.सी, टी.बी. विभाग, आयुष विभाग, एन.एच.एम. कार्यालय, पी.पी. सैन्टर, टीकाकरण कार्य, सभी सी.एच.ओ. व रिपोटिंग आदि कार्य शामिल रहे। जबकि एन.एच.एम. कर्मचारी पिछले काफी सालों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा अपना काम पूरी लगन, ईमानदारी व निष्ठा से करते आ रहे हैं।एन.एच.एम. कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से जनहित को स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से पूरा हरियाणा प्रभावित है।
सांझा मोर्चा कमेटी के जिलाध्यक्ष का कहना ये
स्वास्थ्य विभाग में व्यवस्था चरमराई हुई है, परंतु सरकार और प्रशासन के लिए हरियाणवासियों के स्वास्थ्य से ज्यादा अपने चुनावी दौरे महत्वपूर्ण नजर आ रहा है। सांझा मोर्चा कमेटी के जिलाध्यक्ष गौरव सहगल ने कहा की प्रदेश की हरियाणा सरकार ने वर्ष 2017 में हरियाणा की इसी सरकार के द्वारा प्रदेश के सभी एन एच एम् कर्मचीरियो को पूर्व मुख्यमंत्री व् स्वास्थ्य मंत्री ने सर्विस बाई लॉज़ का लाभ दिया था परन्तु अब की सरकार एन.एच.एम. कर्मचीरियों के हकों को ख़त्म करने जा रही क्योकि सरकार में बैठे अधिकारियो की मंशा कर्मचारियों के प्रति सही नहीं है जिसको देखते आज पुरे हरियाणा के एन एच एम् कर्मचारी का आंदोलन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है परन्तु सरकार से अभी तक बातचीत के लिए कोई न्योता नहीं दिया है।सांझा एन0एच0एम0 मोर्चा के अतर्गत पूरे हरियाणा के एन एच एम कर्मचारी 100 प्रतिशत आंदोलन में बढचढ कर हिस्सा लिया। जिससे हरियाणा सरकार द्वारा चला जा रहे रेफरल ट्रांसपोर्ट का जो कार्य एन एच एम कर्मचारी कर रहे थे वो पूर्ण रूप से बन्द है इसकी एवज मे आउटसोर्सीग ड्राइवरों से 72 घंटे एम्बुलेंस चलवाई जा रही जिसमें मरीज व के साथ कोई भी दुर्घटना हो सकती है इसके साथ साथ इम्युनिजेशन जो की हमारी प्रदेश की एन.एच.एम की ए.एन.एम. करती है वो पूर्ण रूप से बंद है। सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारी हरियाणा सांझा मोर्चा से बातचीत का कोई न्योता नहीं दिया है। तब तक समाधान नहीं निकलेगा जब तक बातचीत नहीं होगी।







