पंचकूला 7 अगस्त : जमीन के विवाद को लेकर रंजिश के चलते पड़ोसियों द्वारा मार*पीट किए जाने की वजह से हरप्रीत सिंह गांव बसोला बुरी तरह से घायल हो गया, जिसने पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया ।वहीं पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है ।
शिकायतकर्ता अमरदीप सिंह ने बताया पूरा मामला
घटनाक्रम की शिकायत देते हुए अमरदीप सिंह उर्फ अमन वासी गांव बसौला ने बताया कि मेरे चाचा हरप्रीत सिंह से उसके पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के लोगों से काफी दिनों से कुरडी की जमीन को लकर मन मुटाव था, जिस बात की वे उनसे रंजिश रखे हुए थे और वो बार बार मेरे चाचा के साथ कहा सुनी करते रहते थे और उसको जान से मा*रने की धमकी देते रहते थे ।इसी विवाद को लेकर सुबह समय करीब साढ़े 8 बजे पड़ोसियों नें हरप्रीत सिंह के उपर उसके घर में जबरदस्ती घुसकर लात घुंसों से मार*पीट की थी और उसे जान की मा*रने की ध*मकी देकर गये । जिस पर यह सारी बात मेरे चाचा हरप्रीत सिंह ने मुझे फोन करके बताई। जिसको लेकर मैं अपने अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ उनके घर पर पहुंचा और उनके घर जाकर देखा तो मेरे चाचा व चाची को मामूली चोटे लगी हुई थी और वहां से हम उन्हें अस्पताल में इलाज करवाने के लिए और पुलिस में शिकायत करने के लिए पिंजौर जाने लगे। जैसे ही उक्त पड़ोसियों के घर के बाहर पहुंचे तो उन्होंने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ हमारे ऊपर तलवार कुल्हाड़ी दांत लोहे की पाइपों व डंडों से ह*मला कर दिया. जिस पर मेरे चाचा के सिर पर तलवार लगी और वे लोग निरंतर ताबड़तोड़ उन पर ह*मला करते रहे और जब मैं व मेरे भाई और मेरी चाची ने मेरे चाचा को बचाने की कोशिश की तो उन्होंने हमारे ऊपर भी ह*मला कर दिया। जब मैनें व मेरे भाई हरविन्द्र सिंह व वरिन्द्र सिंह नें व चाची बेअन्त कौर नें हरप्रीत सिंह को बचाने की कोशिश तो गुरविन्द्र सिंह नें अपने हाथ पकडी तलवार मेरी पेट व कमर में मारी तथा हरविन्द्र सिंह को भी चोटें आई ।उक्त घटनाक्रम के कारण हरप्रीत सिंह वंही पर बेहोश गया और वो लोग हरप्रीत सिंह को मरा हुआ समझकर वंहा पर छोड़कर अपने-अपने हाथों में लिये हथियारों सहित वंहा से चले गये । इसके बाद मैं अपने चाचा हरप्रीत सिंह को सरकारी अस्पताल ले गया जहां से प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें सेक्टर 6 पंचकूला अस्पताल रेफर किया गया और वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया. पीजीआई में इलाज के दौरान उनकी मृ*त्यु हो गई.







