कैथल : चन्द्रिका ( TSN)– बरसात सीजन में जगह-जगह पर पानी जमा हो जाता है। जब बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाती तो उसमें डेंगू का लार्वा पनपने लगता है। जो डेंगू फैलने का माध्यम बनते है।
कैथल सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने दी जानकारी
बरसात सीजन में जगह-जगह पर पानी जमा हो जाता है। जब बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाती तो उसमें डेंगू का लार्वा पनपने लगता है। जो डेंगू फैलने का माध्यम बनते है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरसाती पानी जमा होने वाली जगह कीट नाशक दवा व तालाबों में गम्बूजिया मछली छोड़नी शुरू कर दी है, ताकि डेंगू लार्वा न पनपे और जिले में डेंगू का प्रकोप न हो। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नागरिक अस्पताल परिसर में बनी हौदी में गम्बूजिया मछली छोड़ी गई।
डेंगू व मलेरिया कैथल सिविल सर्जन अधिकारी डा.रेनू चावला ने बताया कि डेंगू से बचाव को लेकर इस बार पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के तालाबों में गम्बूजिया मछली छोड़ी जा रही है। जहां पर डेंगू का लार्वा पनपने की संभावना दी रही है, वहां पर कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। ताकि इस बार डेंगू के प्रकोप से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की रुटीन में बैठक ली जा रही है और उन्हें अलर्ट कर दिया गया है। उनका कहना है कि शहर में जहां से दूषित नाला गुजरता है, उसके पास के क्षेत्र व फैक्ट्रियों के पास के क्षेत्र को हाई रिस्क क्षेत्र में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण करके लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव बारे में बताएंगी।







