करनाल : चन्द्रिका (TSN)- सरकारी स्कूल के बच्चे भी अब अफसर बन सकते है। प्रदेश सरकार की बुनियाद योजना के माध्यम से सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। वर्ष 2024-26 के लिए आज करनाल से लेवल 3 की परीक्षा की शुरुआत हुई। इस परीक्षा में करनाल जिला के 294 बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों के अभिभावक भी परीक्षा केंद्र में मौजूद रहे।
बता दें कि लेवल 3 की परीक्षा के बाद इन बच्चों का चयन ऑनलाइन कोचिंग के लिए किया जाएगा। प्रदेश भर के 35 हजार बच्चों ने लेवल एक की परीक्षा दी थी, जिनमे से 6 हजार बच्चों को लेवल 3 की परीक्षा के लिए चुना गया। अब लेवल 3 की परीक्षा के माध्यम से 3 हजार बच्चों को उच्च स्तर की ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।
नीट व इंजीनियरिंग प्रतियोगी परीक्षाओं को दी जाएगी कोचिंग
जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने बताया कि यह सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें बच्चों को नीट व इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग दी जाती है। इन बच्चों का चयन लेवल 3 की परीक्षा के माध्यम से होता है।दीपक वर्मा ने बताया कि आज से हरियाणा प्रदेश में लेवल 3 की परीक्षा की शुरुआत हुई है। करनाल जिले से 294 बच्चे लेवल 3 की परीक्षा दे रहे हैं। इस परीक्षा में सफल होने वाले बच्चों को आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जाएगी करवाई जाएगी ताकि वे भविष्य में बेहतर करियर चुन सकें। बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी विकसित किया जाएगा।
मिशन बुनियाद के परियोजना निदेशक का कहना ये
मिशन बुनियाद के परियोजना निदेशक प्रदीप कुमार ने बताया कि आज से मिशन बुनियाद के नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए लेवल 3 की परीक्षा की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए प्रदेश भर से 6 हजार बच्चों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद बच्चों को जिस तरह से आगे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करनी पड़ती है इसमें बुनियाद उनकी काफी मदद करता है। परियोजना निदेशक ने कहा कि मिशन बुनियाद बच्चों के अंदर प्रतियोगिता की भावना पैदा करता है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। प्रदीप कुमार ने कहा कि पहले सरकारी स्कूल के बच्चों का रुझान निजी स्कूलों की ओर होता था लेकिन इस कार्यक्रम के बाद उनकी सोच बदली है। उन्होंने कहा कि हर केंद्र से 30 बच्चों की सीट निर्धारित की गई है।
वहीं बुनियाद योजना में भाग लेने वाले बच्चों ने कहा कि यह कार्यक्रम सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए एक वरदान है। प्रतियोगिता के माध्यम से वे भी अपना भविष्य संवार सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के बाद वे ऑनलाइन कोचिंग लेंगे जिसका सारा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। नौवीं और दसवीं कक्षा में इन बच्चों को एडवांस स्तर की पढ़ाई करवाई जाएगी।गौरतलब हो कि शिक्षा विभाग की ओर से 2022 में पंचकूला से इस योजना की शुरुआत की गई थी।







