हरियाणा : चन्द्रिका ( TSN)- हरियाणा पशुपालन में काफी अच्छा काम कर रहा है , हरियाणा के पशुपालकों के बदौलत हरियाणा दूध उत्पादन में भारत में नंबर वन स्थान पर आता है । इसका मुख्य कारण यह है कि यहां पशुपालक अच्छी किस्म का ज्यादा दूध देने वाली पशु रखते हैं, जिनकी बदौलत वह भारत ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है ।
हाल ही में करनाल जिले के झिझाड़ी गांव के रहने वाले सुनील और सैकी ने दूध उत्पादन में एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि हासिल की है । बीते दिनों हरियाणा के कुरुक्षेत्र मे डेयरी एसोसिएशन dfa के द्वारा आयोजित पशु मेले में सुनील और शैंकी की शकीरा मिलकिंग चैंपियन नामक गाय ने 24 घंटे में 80 लीटर 756 ग्राम दूध देकर भारत ही नहीं एशिया में 24 घंटे में सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय बन गई है , जिसके चलते पशु पालकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है ।पशु पालक सुनील ने कहा वह दोनों भाई पिछले 12 सालों से डेरी फार्म चला रहे हैं । मौजूदा समय में उनके पास करीब 120 छोटे बड़े पशु हैं । उन्होंने कहा कि वह एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं । पहले उनके दादा खेती के साथ पशुपालन करते थे उसके बाद उनके पिता ने खेती के साथ पशुपालन किया और फिर वह भी इस काम में आ गए, लेकिन उन्होंने सोचा कि जब पशुपालन नहीं करना है तो बेहतर तरीके से किया जाए और उसके बाद उन्होंने डेरी फार्म स्थापित किया और अच्छे-अच्छे पशु रखे और उनके अच्छी देखने के चलते अब वह भारत हे नहीं एशिया में भी सबसे ज्यादा दूध देने वाले गाय तैयार कर रहे है ।
शकीरा मिलकिंग चैंपियन नामक गाय करीब साढ़े 6 वर्ष की है अबकी बार भारत चौथी बार बच्चा होने के बाद दूध दे रही है , यह hf नस्ल की गाय हैं यह सबसे जायदा दूध देने गाय की नसल हैँ, जिसका रख रखाव दूसरे पशुओं की तरह किया जा रहा है, इसको खाने में साइलेंज हारा और सूखा चारा और साथ में फीड दी जाती है, प्रत्येक पशु को उसके दूध के अनुसार ही खाने को फीड और चारा दिया जाता है, सुनील और उसका भाई विशेष तौर पर एचएफ नस्ल की गाय की बिल्डिंग पर काम कर रहे हैं, और अब शकीरा गाय ने प्रतियोगिता में करीब 2 से 3 लाख रुपए की एक बुलेट मोटरसाइकिल प्रथम स्थान प्राप्त की ।
24 घंटे में तीन बार निकाला जाता है दूध
पशुपालक शैंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी गाय पहले भी कई बार पूरे भारत में पहले नंबर पर एक दिन में दूध देने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है, शकीरा गाय का एक दिन में तीन बार दूध निकाला जाता है जो 8-8 घंटे के अंतराल में दूध निकाला जा रहा है, उन्होंने कहा कि दूध ज्यादा होने के चलते मशीन के साथ उनका दूध निकाला जाता है, उनके रखने के लिए डेरी फार्म को काफी खुल बनाया गया है, प्रतियोगिता के दिनों में गाय को अकेले में खुले स्थान पर रखा जाता है, ज़ब कोई प्रतियोगिता ना हो तो चैंपियन गाय को भी दूसरे गाय को साथ रखा जाता है और उनको उनके दूध के अनुसार उनका डायट प्लान दिया जाता है, पीने के लिए साफ और ताजा पानी दिया जाता है तो वहीं साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाता है. उन्होंने बताया कि डेयरी एसोसिएशन के द्वारा ही उनको बताया गया है कि अब तक इतनी ज्यादा मात्रा में 24 घंटे में किसी भी गाय ने दूध नहीं दिया है, इस गाय ने भारत ही नहीं एशिया का भी रिकॉर्ड तोड़ा है और पूरे एशिया में पहले नंबर पर दूध देने में यह गाय आई है ।रिकॉर्ड के आधार पर ही उन्होंने एशिया में उनका नाम रोशन किया है, इससे पहले एशिया में 24 घंटे में सबसे ज्यादा दूध देने वाला 72 लीटर का रिकॉर्ड था जिसको तोड़कर इसने एक नया मुकाम हासिल किया है ।
भारत में दूध उत्पादन बढ़ाने में एचएफ नस्ल का है विशेष योगदान
पशुपालक ने कहा कि भारत में दूध उत्पादन बढ़ाने में एचएफ नस्ल का विशेष योगदान रहा है, यह पशुपालकों के लिए एक बहुत ही बड़ा वरदान है कि इतनी ज्यादा मात्रा में दूध देने वाली नस्ल उनके भारत में है और इसके चलते पशुपालकों में काफी खुशी भी है जिसके चलते वह है इस नस्ल की गाय को रखकर दूध का रिकॉर्ड भी तोड़ रहे हैं और साथ ही अपना रोजगार भी चला रहे हैं । उन्होंने कहा कि एशिया में की गाय के प्रथम आने के चलते सिर्फ ही है उनका ही समान नहीं बाद बल्कि पूरे भारतवासियों का गौरव बढ़ा है ।







