हरियाणा ( चन्द्रिका )- आयुर्वेदा दिवस पर पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में विचार विमर्श व संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
सब सेन्टर से लेकर एम्स तक सभी स्थानो में आयुष विभाग शुरू
इस कार्यक्रम में देश भर से आए आयुर्वेद उत्पाद निर्माताओं, स्टार्टअप्स और आयुर्वेद प्रोफेशनल्स ने अपने उत्पाद प्रस्तुत किए । आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि शिक्षा, शोध ,उत्पाद और सेवा के माध्यम से वैश्विक स्तर पर एक संगठित आयुर्वेद तंत्र का निर्माण आयुष मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।आयुर्वेद चिकित्सा हजारों साल पुरानी एक संस्कृति का हिस्सा है और प्राचीन काल से यह भारत के समाज, शिक्षा, सेवा और जीवनचर्या के रूप में मौजूद रही है।आयुष मंत्री ने कहा कि सब सेन्टर से लेकर एम्स तक सभी स्थानो में आयुष विभाग शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जी20 की बैठक में भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश सदस्य देशों के सामने प्रस्तुत किया, जिसे सभी की सहमति प्राप्त हुई और जी20 डिक्लेरेशन के जरिए एक अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई। नए-नए प्रयोगों को लेकर लगातार आगे बढ़ते रहने की सोच जिनमें से आयुष का विकास भी एक है, भारत को एक विकासशील देश से विश्व के पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बदल दिया है।आयुष मंत्री ने विद्यार्थियों को अपने अनुभव, समस्याएं व सुझाव लिए।
स्वास्थ्य’ सेवा का विकास सरकार की जिम्मेदारी
वहीं केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री मुंजपरा महेन्द्रभाई ने कहा कि ‘स्वास्थ्य’ सेवा का विकास सरकार की जिम्मेदारी है और आयुर्वेद चिकित्सा की खास बात है कि वो स्वस्थ रहने के लिए जन सहभागिता पर जोर देती है। आयुर्वेद को जीवनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य जगत की सर्विस डिलवरी को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।समारोह के विशेष अतिथि आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुर्वेद ज्ञान का एक कभी न समाप्त होने वाला खजाना है, जो समय और संस्कृति के अनुसार आगे बढ़ता रहता है। इसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद की इस संस्कृति को जन स्वास्थ्य की वैश्विक सोच के साथ कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
आयुष मंत्रालय के प्रयासों से ‘आयुर्वेद फॉर वन हेल्थ’
कॉनफेरेंस से पूर्व ‘आयुर्वेद महापर्व’ एक्सपो और आठ राज्यों की नेशनल आयुष मिशन (एनएएम) की रिव्यू मीटिंग भी आयोजित की गई। नेशनल आयुष मिशन (एनएएम) की बैठक में सभी आठ राज्यों के कार्य और गतिविधियों की समीक्षा की गई ।







