कुरुक्षेत्र, 29 मार्च-कुरुक्षेत्र में 52 शक्तिपीठ में शोभायमान श्री देवी कूप भद्रकाली मंदिर में नवरात्रि का पर्व शक्ति महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस महोत्सव को लेकर प्रदेश के अकेले शक्तिपीठ मंदिर में भव्य तैयारी भी की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यवस्था बनाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
शोभायात्रा के साथ महोत्सव प्रारंभ
शक्ति महोत्सव एवं नवरात्रि पर्व का शुभारंभ मंदिर से आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा से होगा। शोभायात्रा नगर परिक्रमा करके वापस मंदिर में संपन्न होगी। इस दिव्य आयोजन में 5100 महिलाएं कलश, त्रिशूल और ध्वज लेकर नगर परिक्रमा करेंगी। शोभायात्रा में मां की ज्योति और स्वरूप नगर को प्रकाशमान करेगा।
कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे
शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा के मुताबिक, इस भव्य शोभायात्रा में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी विशेष रूप से शामिल होंगे। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां होगी। साथ ही भारत के गौरव को दर्शाने वाली भारत माता की झांकी विशेष होगी। मां के स्वरूप को नगर का भ्रमण कराया जाएगा। शोभायात्रा श्रद्धालुओं के मन में अलौकिक ऊर्जा का संचार करेगी।
नववर्ष पर आतिशबाजी
हिन्दू नववर्ष विक्रमी संवत के अवसर पर मंदिर के 108 फुट ऊंचे भवन पर भव्य आतिशबाजी का नजारा दिखेगा। यह बुर्ज खलीफा की तर्ज पर किया जाएगा। इसी दिन मां का खजाना खजाना श्रद्धालुओं में बांटा जाएगा। पहले नवरात्रि से 13 अप्रैल तक मंदिर में मंगला आरती, कन्या पूजन, भंडारा, भजन संध्या और शाम को 505 ज्योति के साथ मां की आरती की जाएगी।
4 को हवन और 5 को जगराता
पीठाध्यक्ष के मुताबिक, मंदिर में 4 अप्रैल को दुर्गा सप्तशती पर हवन-यज्ञ किया जाएगा। अगले दिन दुर्गाष्टमी पर जगराता होगा, जिसमें राम आएंगे की भजन गायकी अपनी प्रस्तुति देंगी। नवरात्रि के पहले RSS के प्रचारक इंद्रेश कुमार मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। सुबह और शाम को होने वाली आरती को मंदिर के पेज पर लाइव दिखाया जाएगा।
7 देशों के फूलों से सजा दरबार
भद्रकाली मंदिर को देसी और विदेशी फूलों से सजाया गया है। मंदिर की हर दीवार और द्वार पर अद्भुत पुष्पों की सजावट की गई है। इसमें 9 तरह के गुलाब, कमल, कलकत्ता गेंदा, रजनीगंधा, रात की रानी, चमेली के अलावा विदेशी फूल झरबेरा, एंथेरियम, आर्केड, लिली, बर्ड ऑफ पैराडाइज, ट्यूलिप, डहेलिया,सीलो-सिया समेत इंद्रधनुषी फूल शामिल है।
दिव्यांग-बुजुर्गों के लिए अलग तैयारी
पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को लाइन में पानी पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई है। गर्मी से बचने के लिए कूलर और पंखे की व्यवस्था कर रखी है। बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए अलग से कक्ष बनाया गया है। दिव्यांग और बुजुर्गों को दर्शन करने के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी।







