अंबाला (अंकुर कपूर): बेमौसमी बारिश की मार सिर्फ किसानों पर ही नहीं पड़ी बल्कि मंडियों में फसल आने का बेसब्री से इंतजार करने वाले आढ़तियों और मजदूरों पर भी पड़ी है। अक्सर अप्रैल महीने के इन दिनों में जो अनाज मंडियां गेंहू से भरने लगती थी वहां आज सन्नाटा पसरा है। आढ़तियों की मानें तो कुदरत की मार उन पर भी पड़ी है, खेतों में पानी होने की वजह से फसल कट नहीं पा रही तो वहीं सरकार के आदेश भी आढ़तियों व खुद सरकार के रेवेन्यू का नुकसान कर रहे हैं।
आढ़तियों का कहना है कि अंबाला अनाज मंडी पंजाब से सटी हुई है। यहां हर सीजन में 60% फसल पंजाब से और 40% अंबाला की पहुंचती थी। लेकिन सरकार ने पंजाब से आने वाली फसलों पर रोक लगा दी है। जिसकी वजह से मंडियां ठप्प होने की कगार पर हैं। इससे जहां आढ़तियों को नुकसान हो रहा है वहीं सरकार को भी भारी रेवेन्यू का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मजदूर भी बेकार बैठे हैं। आढ़तियों की अपील है कि सरकार अपना यह फैसला वापिस ले और पंजाब से आने वाली फसलों की अंबाला अनाज मंडी में खरीद को एक ही पोर्टल के माध्यम से किया जाए।







