यमुनानगर (अंकुर कपूर): हरियाणा के शिक्षा पर्यावरण एवं वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर का कहना है कि ई-टेंडरिंग व्यवस्था सरपंचों के पूरी तरह पक्ष में है। कुछ लोग सरपंचों को बहकाने का कार्य कर रहे हैं। उनमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब निर्माण कार्यों में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उस मामले में अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ जांच और कार्रवाई होगी, सरपंचों के खिलाफ नहीं। यमुनानगर में मीडिया से बातचीत करते हुए कवर पाल गुर्जर ने कहा कि इसीलिए अधिकारी चाहते हैं की सरपंचों की जिम्मेवारी हो। लेकिन सरपंच टेक्निकल नहीं है, निर्माण कार्यों में योजना सरपंच बनाएंगे।
निर्माण की जांच भी सरपंच करेंगे। और काम में गड़बड़ होती है तो वह काम रुकवाने की पावर भी उन्हीं की होगी। आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली के स्कूलों को बेहतर बताने के मामले को लेकर शिक्षा मंत्री कवर पाल गुर्जर ने कहा कि दिल्ली हरियाणा के मुकाबले में कहीं नहीं ठहरता। उन्होंने कहा कि रोज एक झुठ को सच साबित करने की कोशिश करते हैं। करोड़ों रुपया इसी झूठ को सच दिखाने के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई तीसरा व्यक्ति अथवा सर्वे यह बात कहता है तो पता चलता है, लेकिन किसी भी सर्वे में दिल्ली को दसवें नंबर तक भी नहीं माना गया। जबकि पंजाब ने कांग्रेस के समय में पहला स्थान पाया था।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब पहली कक्षा में 6 वर्ष के बच्चे को ही दाखिला मिलेगा, नई शिक्षा नीति के तहत 3 वर्ष में बच्चों को प्ले स्कूल में दाखिल किया जाएगा। इसी को लेकर हरियाणा में 4000 पहले स्कूल खोले गए हैं, जहां पढ़ा-लिखा स्टाफ बच्चों को पढ़ा रहा है। कवर पाल गुर्जर ने चौटाला सरकार में ड्यूल डेस्क खरीदने के मामले की जांच को लेकर कहा कि मेरी जानकारी में नहीं है, अधिकारियों के पास कोई शिकायत आई होगी तो उन्होंने जांच के आदेश दिए होंगे।







