शाहबाद (एकता): कुरुक्षेत्र जिला में शाहबाद के गुमटी मंदिर में लक्षचंडी यज्ञ होने जा रहा है। इस मंदिर के यज्ञ में भारत वर्ष के ब्रह्मरंध्र कहे जाने वाले धर्मक्षेत्र की पावन धरा पर स्थित, गुमटी मन्दिर, शाहबाद में 2100 संध्यावन्दन निष्ठ ब्राह्मण पधार रहे हैं। साथ ही 110 दिव्य कुण्डों में लक्षचंडी यज्ञ होना है। बता दें कि शोभायात्रा मंगलवार यानि 7 फरवरी को 11 बजे शुरू होगी।
मंदिर में कलश यात्रा 9 फरवरी को लाडवा मार्ग से शिव मंदिर से मेन बाजार से तक होगी। 10 फरवरी को हवन शुरू होगा। बता दें कि इस मंदिर में कई महीनों पहले ही तैयारियां शुरू हो गई थी। मंदिरों के साथ ही पंडाल को खूबसूरती से सजाया जा रहा है। काफी मेहमानों की शिरकत को देखते हुए प्रबंध किए जा रहे हैं। पुलिस का भी खास पहला लगाया जा रहा है। फूल-मालाओं और झूमर के साथ स्टेज को सजाया गया है।

इस मंदिर में लक्षचंडी यज्ञ में कई महान हस्तियां आएंगी। साथ ही कई सिंगर भी अपनी आवाज का जादू बिखेंगे। वहीं वह मंदिर के भंडारे की शोभा बढ़ाएंगे। बता दें कि कुमार विश्वास, ऋचा शर्मा, अपारशक्ति खुराना, गजेन्द्र चौहान अरुणिता, सुनील लहरी, पवनदीप, सोनू निगम अपनी भूमिका निभाएंगे।
1008 गुमटी वाले माता जी के संकल्प अनुसार माघ कृष्ण द्वितीया मंगलवार विक्रम संवत् 2079 से फाल्गुन शुक्ल अष्टमी रविवार विक्रम संवत् 2079, (7 फरवरी से 26 फरवरी सन् 2023 ई) से एक लाख सप्तशती होम व परायण मां भगवती को समर्पित होना है। माता प्रकाश देवी जी को गुमटी वाली माता जी व बड़े माता जी के नाम से जाना जाता था। इस पंथ की शुरुआत सन् 1925 में शेखपुरा (वर्तमान पाकिस्तान) में माता सुहागवंती देवी जी ने की थी। माता सुहागवंती देवी जी सन् 1947 में विभाजन के समय ब्रह्मलीन हो गईं। देखते ही देखते समय बीतने लगा और 18 जनवरी सन् 1964 की पावन बेला पर गुमटी वाले माता जी (श्री देवा जी) का जन्म हुआ। बड़े मां जी की तरह ही माता ऊषा देवी जी (मां जी) दैवीय शक्तियों से ओतप्रोत थीं।








