हरियाणा | हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शामिल कर लिया है। इस योजना का मकसद शहरी जीवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना, सुरक्षा बढ़ाना और प्रशासनिक सेवाओं को तकनीक के जरिए बेहतर बनाना है।
जिन शहरों को इस परियोजना में शामिल किया गया है, उनमें हिसार, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, अंबाला और यमुनानगर शामिल हैं। इन सभी शहरों में अब स्मार्ट ट्रैफिक, निगरानी और सार्वजनिक सेवाओं के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
परियोजना की लागत और निगरानी तंत्र
इस योजना पर कुल 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक शहर में लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और नागरिक सेवाओं की निगरानी की जा सकेगी।
मुख्य सुविधाएं जो मिलेंगी:
- ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए स्मार्ट कैमरे और सेंसर
- सड़कों, स्ट्रीट लाइट्स, जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम पर रीयल टाइम नजर
- अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और एंबुलेंस की उपलब्धता की लाइव जानकारी
- अपराध रोकथाम के लिए मजबूत निगरानी तंत्र
- ई-चालान और ट्रैफिक उल्लंघनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई
- आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित अलर्ट
- वायु प्रदूषण स्तर की निगरानी
- कचरा डंपिंग स्थलों और सफाई व्यवस्था की निगरानी
सेंट्रल कमांड सेंटर से होगी निगरानी
पूरे शहर को एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सेंट्रल कमांड सेंटर) से जोड़ा जाएगा, जहां से सभी गतिविधियों पर रीयल टाइम नजर रखी जाएगी।
रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
स्मार्ट सिटी योजना के तहत युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिकों की जीवनशैली में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।







