अंबाला (अंकुर कपूर): अंबाला में जिला परिषद चेयरमैन पद चुनाव में आप प्रत्याशी मक्खन सिंह लबाना को हाईकोर्ट से राहत मिली है। बता दें कि जब से जिला परिषद का चुनाव हुआ है और चुनाव के अंदर भाजपा की करारी हार हुई तभी सही अंदेशा हो गया था कि अब आगे कुछ भी सरल तरीके से नहीं होगा। ऑपरेशन लोटस जो सुनते आ रहे हैं पूरे देश में आज अंबाला में पिछले कई दिनों से जड़ पकड़ने की कोशिश कर रहा था, जो आम आदमी पार्टी के जिला परिषद मेंबर और यहां के प्रबल दावेदार थे।
चेयरमैन कैंडिडेट शिप के मक्खन सिंह लबाना उनको एक फर्जी केस में एक तफ्तीश के बहाने उन्हें उनके घर से उठा लिया गया और इस बात से साफ जाहिर होता है कि जो आगामी चुनाव जो आज चेयरमैन का चुनाव होना था। इसके अंदर उनकी चेयरमैनशिप को रोकने का और उसे हाईजैक करने का एक बहुत गंदा प्लान था। कल के चुनाव के अंदर सभी जानते हैं कि केवल 5 मेंबर आए थे और बाकी सब सब ने इसका बहिष्कार किया था। इसको जब स्थगित किया गया तो सिर्फ अगले दिन की डायरेक्ट डेट दे दी गई सब्जियों में जहां पर स्थगित हुआ है।
वहां पर 8 जनवरी की लगी है लेकिन यहां पर ऐसी क्या बात थी कि समय नहीं देना चाहते थे। सीधी बात यह थी कल से बहुत से प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्हें अंबाला के एक होटल में इंडियन रोलर सीआईए स्टाफ की गाड़ियां बाहर लगी हुई थी और तीन प्रत्याशी उसमें नजरबंद थे। उन प्रत्याशियों की तस्वीरें भी आम आदमी पार्टी के हैंडल से आज ट्वीट कर दी गई है। सड़क पर इंडियन रोलर के बाहर खड़े हुए हैं और आज सुबह 9 प्रत्याशियों को पुलिस कस्टडी के अंदर यहां पर पेश किया गया है। जाहिर है कि 15 मेंबर की जिला परिषद के अंदर किसी भी लिमिट को पार करके भाजपा अपनी पसंद का चेयरमैन बनाने में लगी हुई है।
आज एक बहुत बड़ी जीत फिर हुई। हाईकोर्ट ने अभी-अभी हेयरिंग की और उसमें पुलिस को सख्त फटकार लगाई गई और उन्होंने पूछा कि आप ऐसे कैसे कैंडिडेंट को चुनाव के कुछ दिन पहले उठाकर लेकर जा सकते हैं। हाईकोर्ट का भी अभी वहां से आर्डर आया कि मक्खन सिंह लबाना को चुनाव हर प्रक्रिया में हिस्सा लेने दिया जाए और बहुत बड़ी बात उससे भी ऊपर जो हाईकोर्ट ने कही है, जब तक मक्खन सिंह लबाना आज की चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे आज की चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती। मक्खन का जो ऑर्डर है उनके पास उसकी कॉपी है और यह समझते हैं कि न्यायपालिका से जो उनकी उम्मीद थी लोकतंत्र के बचाने की न्यायपालिका की बहुत-बहुत शुक्रगुजार है।







