करनाल (अंकुर कपूर): गन्ने के चालू पिराई सीजन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा रेट न बढ़ाए जाने को लेकर किसानों में आक्रोश पनप गया है। हरियाणा के करनाल में भारतीय किसान यूनियन के टिकैत ग्रुप ने जिले तीनों शुगर मिल के रोड़ को जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की जायज मांगों को भी नहीं मान रही है। अगर सरकार का किसानों के प्रति यही रवैया रहा तो किसानों के प्रदर्शन को सरकार देख चुकी है। वैसा ही प्रदर्शन करने में किसान गुरेज नहीं करेंगे। जाम लगने से वाहनों के पहिये थम गए।
सरकार के खिलाफ किसानों ने जमकर नारेबाजी की और गन्ने के रेट बढ़ाने की मांग की। किसानों का कहना है कि आज सिर्फ गन्ने के रेट में बढ़ोतरी की मांग को लेकर ही एक घण्टे का धरना प्रदर्शन किया गया है। मांग न मनकार सरकार कर अंदोलन करने को मजबूर रोड जाम करके बैठे किसानों ने कहा कि सरकार किसानों की बाजिब मांग को न मान कर आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है। इसलिए मजबूर होकर सडक़ों पर उतरना पड़ रहा है। भाकियू के बैनर तले प्रदेश में गन्ना आंदोलन किया जा रहा है। प्रदेश की सभी गन्ना मिले एक माह से अधिक समय से चल रही है। लेकिन सरकार भाव में बढ़ौतरी नही कर रही है। जिसकों लेकर प्रदेश के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है।
गन्ने की अदायगी पर किसानों को मिले 15 प्रतिशत ब्याज
किसानों ने कहा कि अगर सरकार गन्ने की पेमेंट आने में देरी होती है तो किसानों को 15 प्रतिशत का ब्याज सहित भूगतान किया जाए। 10 व 15 वर्ष के पुराने वाहनों को कंडम घोषित किए जाने वाला कानून खत्म किया जाए। धान की फसल पर लगाया गया 2 प्रतिशत टैक्स खत्म किया जाए। बिजली बिलों में की गई अतिरिक्त बढ़ौतरी भी वापिस ली जाए। उन्होंने चेताया कि आज सिर्फ 1 घंटे का ही प्रदर्शन था, यदि सरकार नहीं मानती तो किसान कड़ा रुख अपनाएंगे।







