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यमुनानगर में चल रहा था यह गोरखधंधा, खनन अधिकारी ने 45 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज

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यमुनानगर (अंकुर कपूर): यह गोरखधंधा पिछले कई महीने से चल रहा था। यमुनानगर के बिलासपुर क्षेत्र में पिछले काफी समय से अवैध रूप से माइनिंग करने, सरकारी रिकॉर्ड में बिना किसी से रेत, बजरी लेने और अवैध रूप से 2 लाख 4 हजार मिट्रिक टन खनन का स्टॉक करने के आरोप में यमुनानगर के खनन अधिकारी राजेश सागवान ने आरआर स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक सहित 45 लोगों के खिलाफ बिलासपुर थाना में मामला दर्ज करवाया है। खनन अधिकारी राजेश सागवान ने बताया कि उन्होंने जब आरआर स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट में जाकर जांच की तो वहां तीन रजिस्टर मिले। जिसमें रेत, बजरी, पत्थर का सामान आने और उसे बेचने का सारा रिकॉर्ड दर्ज था।

सागवान ने बताया कि इस स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट पर 40 लोग अलग-अलग समय में गाड़ी लेकर माल लाते व ले जाते थे। किस समय में कितना कितना माल यहां से लाया व ले जाया गया वह सब रजिस्टर में दर्ज था। लेकिन सरकारी पोर्टल पर उसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं था। जो खनिज पदार्थ वहां से बरामद हुआ उसकी अकेले रॉयल्टी की बात की जाए तो वह एक करोड़ दो लाख से अधिक बनती है और अगर माल आने व जाने का मिलान किया जाए तो इससे करीब 4 करोड़ से अधिक का नुकसान सरकार को हुआ है। जिसके लिए 45 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।

जिला खनन अधिकारी ने बताया कि यमुनानगर जिला में अलग-अलग स्थानों पर अवैध खनन रोकने के लिए 6 नाके लगाए गए हैं। इसी के चलते सरकार से मंजूरसुधा खनन ठेकेदारो ने पिछले 3 महीने में 29 करोड़ रुपए की राशि अपनी किस्तो के रुप में जमा कराई है। उन्होंने बताया कि रंजीतपुर नगली इलाके में उन्होंने और नाके लगाने का प्रस्ताव जिला उपायुक्त को भेजा है। जिससे सरकार के राजस्व में और बढ़ोतरी हो सकती है। अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले 3 महीनों में अलग-अलग इलाकों में सरकार को राजस्व के मामले में नुकसान पहुंचाने, अवैध खनन सहित 18 मामलों की शिकायतें पुलिस को दर्ज करवाई गई हैं। जिनमें से कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।

उन्होंने बताया कि 50 स्क्रीनिंग प्लांट जो फर्जी ई रवाना करते थे उन्हें बंद करवाया गया है। यमुनानगर जिला में अवैध माइनिंग व नकली ई रवाना के माध्यम से सरकार को नुकसान पहुंचाने का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। जिसमें सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया है। अब खनन अधिकारी ने ऐसे मामलों में सख्ती दिखाते हुए पुलिस में मुकद्दमे दर्ज करवाने शुरू कर दिए हैं। जिससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

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