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सरकार की बड़ी कार्रवाई, करनाल मंडी में धान खरीद घोटाले में 12 अधिकारी सस्पेंड

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करनाल (अंकुर) : करनाल में अलग-अलग मंडियों के अंदर धान खरीद के वक्त धांधली देखने को मिली। जिसमें कई राइस मिलर्स के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ। ये धांधली धान खरीद के दौरान तब देखने को मिली थी जब सीएम फ्लाइंग ने छापेमारी की थी। सीएम फ्लाइंग ने अलग-अलग अनाज मंडी के मार्केट कमेटी के दफ्तर में भी जाकर तफ्तीश की थी। जिसमें जुंडला अनाज मंडी के सचिव पवन चोपड़ा को सस्पेंड कर गिरफ्तार कर लिया गया था और इस मामले की जांच इकोनॉमिक सेल को दे दी गई थी। अब हरियाणा सरकार ने एक और कार्रवाई की है। सरकार की ओर से मंडी बोर्ड के 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जिनमें करनाल के 8 अधिकारी कर्मचारी शामिल है। करनाल डीसी अनीश यादव ने जिसकी जानकारी दी।

निलंबित करने के आदेश सरकार ने जारी किए हैं। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने मंडियों में चल रही धान की खरीद को लेकर चल रही धांधली में जांच के आदेश दिए थे। कृषि मंत्री जेपी जेपी दलाल ने असंध और होडल मंडी में हुई गड़बड़ी के मामले में भी जल्द कार्रवाई के संकेत दिए हैं। आपको बता दें कि करनाल से 3 मंडी सुपरवाइजर अश्वनी मेहरा, दीपक त्यागी, जयप्रकाश को सस्पेंड किया गया। करनाल से 4 ऑक्शन रिकॉर्डर सुरेश, प्रदीप श्योराण, प्रदीप मलिक, सोमबीर को सस्पेंड किया गया। सुंदर सिंह सेक्टरी कम-ईओ को सस्पेंड भी किया। अंबाला के जेडएमईओ हरियाणा स्टेट मार्केटिंग बोर्ड हवा सिंह को भी सस्पेंड किया गया।

इन अधिकारियों को इसलिए सस्पेंड किया गया है क्योंकि पिछले दिनों पंचकुला मार्केट कमेटी एक टीम से चेकिंग के लिए निकली थी जो अलग अलग मंडियों में जाकर चेक कर थी, इन्होंने करनाल मंडी में जब चेकिंग की तो वहां पर धान की ढेरी के की एंट्री ई नेम पोर्टल पर नहीं थी पर आढ़तियों के पास वो धान की ढेरी की एंट्री थी, जिसके चलते धान की खरीद में अनियमितताएं देखी गई और आज इन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इन अधिकारियों पर बासमती धान पर सरकारी फीस चोरी करने का आरोप है। आपको बता दें कि बासमती की प्राइवेट खऱीद होती है।

आगे कुछ और अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती, जिला उपायुक्त अनीश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मंडी में धान के गेटपास सही तरीके से नहीं कट रहे थे, जिसकी जानकारी बीती 15 नवंबर को सूत्र के माध्यम से मिली थी। जिसके बाद पंचकूला कार्यालय ने एक जांच कमेटी का गठन किया, जिसनें जांच में पाया कि जो सूचना सूत्रों से मिली थी, वह बिलकुल सहीं थी। जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है। डीसी ने बताया कि आठ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है और ठेकेदारों के कॉन्ट्रेक्ट भी टर्मिनेट करने के आदेश जारी हुए है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर 10 टीमों का भी गठन किया गया है, जो धान की फिजिकल वैरिफिकेशन कर रही है।

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