चंडीगढ़। हरियाणा में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या छिटपुट बौछारें दर्ज की गईं, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
अगले दो से तीन दिनों तक हरियाणा के साथ-साथ एनसीआर और दिल्ली में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, मानसून की कमजोर सक्रियता के चलते उमसभरी गर्मी से लोगों को फिलहाल ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मानसून को सक्रिय करने वाला प्रमुख सिस्टम फिलहाल राजस्थान के आसपास केंद्रित है। उन्होंने बताया कि मानसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, गुना और दमोह से होते हुए डालटेनगंज तक और वहां से उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके प्रभाव से राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। वहीं, हरियाणा में मानसूनी हवाओं की सक्रियता कमजोर होने के कारण बारिश का दौर फिलहाल धीमा पड़ गया है।






