टोहाना। खेतों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति न मिलने से नाराज किसानों ने बुधवार को नेशनल हाईवे-148बी पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से कृषि कार्यों के लिए बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जिसके कारण उनकी फसलें संकट में आ गई हैं। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हाईवे पर किसानों के धरने और जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि क्षेत्र में बारिश की कमी और भूजल स्तर गिरने के कारण खेती पूरी तरह ट्यूबवेल पर निर्भर हो गई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही और फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।
प्रदर्शन में शामिल किसान रूपा ने बताया कि गांव में घरेलू बिजली की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन खेतों के लिए निर्धारित बिजली नहीं मिल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न तो कोई अधिकारी समस्या सुनने आया और न ही समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।
किसानों ने कहा कि वे सरकार से कोई विशेष मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल कृषि कार्यों के लिए नियमित आठ घंटे बिजली आपूर्ति चाहते हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान किसानों ने हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि खेती और किसानों की आजीविका बचाने के लिए सरकार को तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल करनी चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जाम के कारण ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।







