निर्मल सिंह ने कहा कि आज अंबाला शहर में सत्ता के संरक्षण में कारोबारियों,व्यापारियों, कर्मचारियों और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने का माहौल तैयार किया जा रहा है। नगर निगम के माध्यम से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद धीमान को नोटिस भेजना इसी राजनीतिक मानसिकता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी नियम के पालन से अधिक राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास प्रतीत होती है।
उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा विधानसभा में अंबाला शहर की उठाई गई मांगों का प्रचार विनोद धीमान करता है और सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं प्रशासनिक विफलताओं को जनता के सामने रखता हैं। यदि जनता की आवाज़ उठाना अपराध है, तो कांग्रेस पार्टी इस अपराध को आगे भी पूरी मजबूती से करती रहेगी।
विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि विनोद धीमान अकेले नहीं हैं। उनके साथ मैं स्वयं, अंबाला शहर की कांग्रेस और हजारों कार्यकर्ता चट्टान की तरह खड़े हैं। किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया गया तो उसका लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जोरदार जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अंबाला शहर एक ऐतिहासिक और पुराना शहर है, जहां लगभग 90 प्रतिशत परिवार किसी न किसी रूप में लघु उद्योग, घरेलू उद्योग या छोटे व्यापार से जुड़े हुए हैं। यदि राजनीतिक दुर्भावना के चलते एक-दूसरे के कारोबार और प्रतिष्ठानों की शिकायतें करवाने की परंपरा शुरू कर दी गई, तो इससे पूरे शहर का व्यापारिक और सामाजिक माहौल खराब होगा। यह अंबाला के हित में नहीं है।
निर्मल सिंह ने सत्ता पक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीति में बदले की भावना से काम करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि सत्ता हमेशा स्थायी नहीं रहती। लोकतंत्र में सरकारें बदलती हैं, लेकिन जनता सबका हिसाब रखती है। यदि आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सत्ता के दम पर परेशान किया जाएगा, तो आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी न कभी झुकी है,न डरी है और न ही आगे किसी दबाव में आने वाली है। जनता के अधिकारों की लड़ाई पहले भी पूरी मजबूती से लड़ी गई है और आगे भी उसी दृढ़ता के साथ जारी रहेगी।







