कैथल | हरियाणा में कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार सुबह घनी धुंध छाई रही, जिससे कई जिलों में दृश्यता शून्य से 50 मीटर तक सिमट गई। कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर, फतेहाबाद और महेंद्रगढ़ में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। घने कोहरे के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि फसलों और पानी की पाइप लाइनों पर पाला जमने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। ठंड का प्रकोप केवल रात तक सीमित नहीं है, बल्कि दिन के समय भी तापमान में खास बढ़ोतरी नहीं हो रही, जिससे लोगों को लगातार हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान है कि 14 जनवरी तक प्रदेश में धुंध और शीतलहर का असर जारी रहेगा।
15 जनवरी से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से हरियाणा के कई इलाकों में बादल छा सकते हैं और मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, ठंड से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम जताई गई है।
यातायात और स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्ट जारी करते हुए चेताया है कि घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रहेगी, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। साथ ही, लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से फ्लू, सर्दी-जुकाम और फ्रॉस्ट बाइट जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए सतर्क रहने की अपील की गई है।







