यमुनानगर/परवेज खान-:यूक्रेन में हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय व्यापारी जहाज पर सवार चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।मृतकों में हरियाणा के यमुनानगर जिले के पंजेटो गांव के गुरप्रीत सिंह भी शामिल हैं।घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।परिवार ने केंद्र सरकार से गुरप्रीत का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने, आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
यमुनानगर जिले के पंजेटो गांव में गुरप्रीत सिंह की मौत की खबर के बाद मातम पसरा हुआ है।परिवार का इकलौता बेटा गुरप्रीत करीब डेढ़ महीने पहले ही मर्चेंट नेवी में नौकरी के लिए विदेश गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि उसकी नौकरी से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी,लेकिन मिसाइल हमले की घटना ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया।परिजनों के अनुसार,गुरप्रीत की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी और उसका छह महीने का एक बेटा है।परिवार में बुजुर्ग माता-पिता,पत्नी और मासूम बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि गुरप्रीत के पिता तीन साल पहले एक हादसे में दिव्यांग हो गए थे,जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी गुरप्रीत पर ही थी।घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।परिवार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गुरप्रीत का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके। इसके साथ ही परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है।अब सभी की निगाहें सरकार पर हैं कि इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार को कब और किस तरह की सहायता मिलती है।







