रोहतक। हरियाणा की सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने रोहतक दौरे के दौरान जिला कष्ट निवारण समिति (ग्रिवेन्स कमेटी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के निवारण और क्षेत्रीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में कुल 12 एजेंडा मामलों पर चर्चा की गई, जिनमें से 8 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान श्रुति चौधरी ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए 19 गांवों के लिए लगभग 24.36 करोड़ रुपये की विशेष योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने से बाढ़ की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
पेयजल संकट को लेकर मंत्री ने कहा कि रोहतक में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे भविष्य में लोगों को पेयजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसके अलावा, झज्जर सब ब्रांच के आधुनिकीकरण की भी घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 के बाद पहली बार इस नहर की लाइनिंग और रिमॉडलिंग का कार्य कराया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूर्ण होने से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और पेयजल तथा बाढ़ जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अपने संबोधन में श्रुति चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल और चौधरी सुरेंद्र सिंह के रोहतक से जुड़े योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और सरकार उनके विकासात्मक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।







