अंकुर कपूर, अंबाला। भारतीय जनता पार्टी आगामी 9 अगस्त से पूरे हरियाणा में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान को गांवों, शहरों और वार्ड स्तर तक व्यापक रूप से चलाया जाएगा। इस संबंध में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे अभियान आयोजित किए जाते हैं।
अंबाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनिल विज ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के जरिए लोगों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया जाता है तथा स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया जाता है।
इस दौरान विज ने श्रम विभाग के नर्सिंग कैडर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अब श्रम विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्सों का पदनाम बदलकर ‘नर्सिंग ऑफिसर’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब वे स्वास्थ्य मंत्री थे, तब भी वरिष्ठता के आधार पर स्टाफ नर्सों को नर्सिंग ऑफिसर का दर्जा दिया गया था। अब इसी व्यवस्था को श्रम विभाग में भी लागू किया जा रहा है, जिससे नर्सिंग कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें बेहतर पेशेवर पहचान मिलेगी।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा ई-20 पेट्रोल को लेकर जताए जा रहे विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल लगभग हर मुद्दे का विरोध करते हैं और विरोध करना उनकी राजनीतिक शैली का हिस्सा बन चुका है। विज ने कहा कि विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक सोच अपनाने की आवश्यकता है।
वहीं अंबाला के विकास से जुड़ी एक बड़ी परियोजना की जानकारी देते हुए अनिल विज ने बताया कि शाहपुर क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक कार ड्राइविंग स्कूल स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए एमओयू भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
विज ने बताया कि प्रशिक्षण केंद्र में रहने के लिए आधुनिक हॉस्टल, भोजन की व्यवस्था के लिए मैस और योग अभ्यास के लिए विशेष योग हॉल भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 से 15 दिनों का होगा, जिसके दौरान प्रशिक्षुओं के रहने और सीखने की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
कैबिनेट मंत्री के अनुसार इस ड्राइविंग स्कूल से प्रतिवर्ष लगभग 2,000 नए चालक प्रशिक्षण प्राप्त कर लाइसेंस हासिल करेंगे, जबकि करीब 20,000 लोग अपने ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण भी करा सकेंगे। उनका कहना है कि यह परियोजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







