कैथल | हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन रविंद्र बलियाला ने वीरवार को कैथल के लघु सचिवालय स्थित सभागार में शिकायतों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीवन थाना क्षेत्र की एक महिला के साथ कथित पुलिस मारपीट के मामले में आयोग ने गंभीर रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान आयोग को दो प्रमुख शिकायतें प्राप्त हुईं—एक लापता युवती से संबंधित और दूसरी महिला प्रताड़ना से जुड़ी। लापता युवती के परिजनों से सीधे संवाद के बाद, महिला प्रताड़ना के प्रकरण को लेकर बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि खुले मंच पर पहुंचे। शिकायतों की सुनवाई के बाद आयोग ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए करनाल रेंज के एडीजीपी से एक सप्ताह के भीतर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग ने निर्देश दिया कि पीड़िता की चिकित्सकीय जांच एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से करवाई जाए, जिसमें पीजीआई रोहतक के विशेषज्ञ चिकित्सक को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही आयोग ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम लागू करने की बात कही है।
इस मामले में एक निजी चिकित्सक द्वारा पीड़िता का उपचार न किए जाने पर आयोग ने उन्हें 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में अब तक किए गए उपचार की विस्तृत रिपोर्ट भी आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कैथल की पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने जानकारी दी कि शिकायत मिलते ही दो पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। अब मामले की जांच करनाल की एसआईटी को सौंप दी गई है, जो निष्पक्ष जांच कर रही है। एसपी ने आश्वासन दिया कि जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।







