फरीदाबाद | फरीदाबाद जिले में एक छोटी सी लापरवाही दो मासूम बच्चों की जान पर भारी पड़ गई। मूंगफली के दाने बच्चों की सांस की नली में फंस गए, जिससे दोनों की हालत गंभीर हो गई। समय रहते इलाज मिलने से एक बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि दूसरा अभी भी डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती है।
जानकारी के अनुसार, दोनों मामलों में बच्चों को सांस लेने में तेज दिक्कत होने लगी थी। परिजन उन्हें गंभीर अवस्था में फरीदाबाद के अमृता अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में सामने आया कि बच्चों की सांस की नली में मूंगफली का दाना फंसा हुआ है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर खतरनाक रूप से गिर गया था। डॉक्टरों ने तुरंत बच्चों को पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती किया।
अस्पताल के प्रवक्ता पुनीत ने बताया कि पहला मामला 14 जनवरी का है, जब करीब एक साल के बच्चे को अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि बच्चे को लगभग एक सप्ताह से खांसी और सांस लेने में परेशानी थी। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे की दाईं मुख्य सांस नली में मूंगफली का दाना फंसा हुआ है। डॉक्टरों ने दूरबीन विधि (ब्रोंकोस्कोपी) से मूंगफली को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे छुट्टी दे दी गई।
दूसरे मामले में भी एक मासूम को उसी दिन गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। बच्चे को केवल 40 प्रतिशत ऑक्सीजन मिल पा रही थी। स्कैन में सामने आया कि उसके बाएं फेफड़े में गहराई तक मूंगफली फंसी हुई है। डॉक्टरों की टीम ने विशेष सावधानी के साथ ऑपरेशन कर दाना निकाला। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।
डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को मूंगफली, चना या सख्त खाद्य पदार्थ न दें, क्योंकि ऐसी चीजें सांस की नली में फंसकर जानलेवा साबित हो सकती हैं। समय पर अस्पताल पहुंचना बच्चों की जान बचाने में सबसे अहम होता है।







