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गुरुग्राम में कष्ट निवारण समिति की बैठक, 15 में से 13 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

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अनुज पांचाल , गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 शिकायतें और समस्याएं रखी गईं। इनमें से 13 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि दो शिकायतों को विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए लंबित रखा गया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुरुग्राम में स्वच्छता और शहर के सौंदर्यीकरण के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध रूप से निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सीएम विंडो पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस द्वारा निकाले जा रहे कैंडल मार्च को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के नाम पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में नौकरियों में सबसे अधिक धांधली और बंदरबांट हुई, जबकि वर्तमान सरकार ने पिछले 12 वर्षों में युवाओं और छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे छात्रों और युवाओं को राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शिक्षा और युवाओं के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका लाभ देशभर के विद्यार्थियों को मिला है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब एक्साइज विभाग की भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भर्ती में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों के नाम और दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियां सामने आने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर राजनीति करने के बजाय पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है तथा जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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