हरियाणा | हरियाणा में ठंड ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। रविवार की रात हिसार प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह न सिर्फ पूरे हरियाणा में इस सीजन का सबसे कम तापमान है, बल्कि नवंबर में ही ठिठुरन बढ़ने का संकेत भी देता है।
उत्तरी पर्वतीय बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों—विशेषकर हिमाचल और उत्तराखंड—में लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के तापमान पर देखने को मिल रहा है। आमतौर पर दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में महसूस होने वाली ठंड इस बार नवंबर में ही बढ़ने लगी है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि मानसून के बाद अक्टूबर से ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने लगे थे। इसके चलते पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट तेजी से दर्ज की गई। रविवार को दो–तीन जिलों को छोड़कर लगभग सभी जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया।
पश्चिमी विक्षोभ का नया दौर
मौसम विभाग के अनुसार, 17 नवंबर की रात एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
हालांकि यह विक्षोभ हल्का रहेगा और इसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के रूप में दिखाई देगा। इसके कारण तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन सिस्टम आगे बढ़ते ही ठंड एक बार फिर बढ़ जाएगी।
21 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे हरियाणा के कुछ इलाकों में बादल छा सकते हैं और मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।
जिलों का न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)
- अंबाला – 10.7
- हिसार – 6.8
- करनाल – 8.2
- महेंद्रगढ़ – 6.9
- रोहतक – 9.2
- भिवानी – 11.5
- सिरसा – 10.0
- चरखी दादरी – 10.9
- जींद – 8.3
- कैथल – 8.8
- कुरुक्षेत्र – 8.9
- पंचकूला – 9.3
- पानीपत – 9.8
- सोनीपत – 7.9
- फरीदाबाद – 10.4
- गुरुग्राम – 10.0







