हरियाणा | सर्दी की दस्तक के साथ हरियाणा में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ गया है। राज्य के नौ शहरों में वायु गुणवत्ता ‘रेड जोन’ में पहुंच गई है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि जींद में प्रदूषण स्तर दिल्ली के बराबर दर्ज किया गया है। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 418 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंडी हवाओं और धीमी हवा की रफ्तार के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में फंसे हुए हैं। इसके चलते हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। वहीं सर्द मौसम में कोहरे के साथ धूल और धुएं के कण मिलकर स्थिति को और खराब कर रहे हैं।
तापमान में गिरावट, कई जिलों में शीतलहर का असर
राज्य में ठंड का असर भी लगातार बढ़ रहा है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 6.6 डिग्री तक गिर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण अब मैदानी इलाकों में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं।
हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और चरखी दादरी जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन शहरों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता
गुरुग्राम, हिसार, करनाल, पंचकूला, सोनीपत, नारनौल और महेंद्रगढ़ समेत 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री के करीब है, जबकि कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, जिससे प्रदूषण के स्तर में और इजाफा हो सकता है।







