पलवल। हरियाणा के पलवल जिले के चांदहट गांव में शाम एक परिवार के सात लोगों की तबीयत बकरी के दूध से बनी लस्सी पीने के बाद अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले गंभीर हालत में पलवल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नूंह स्थित शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मामले के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, चांदहट गांव का यह परिवार पिछले करीब दो वर्षों से बकरी पालन कर अपना गुजारा कर रहा है। परिवार के पास लगभग 20 बकरियां हैं। शाम करीब 5:30 बजे बकरियों का दूध निकालकर उससे लस्सी तैयार की गई, जिसे परिवार के सात सदस्यों ने पिया।
लस्सी पीने के करीब 15 से 20 मिनट बाद परिवार के तीन बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। कुछ ही देर में अन्य सदस्यों की भी तबीयत बिगड़ने लगी और कई लोग बेहोश हो गए। स्थिति गंभीर होने पर परिजन पहले उन्हें गांव के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां से तुरंत पलवल के नागरिक अस्पताल भेज दिया गया।
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने करीब तीन घंटे तक लगातार उपचार किया। डॉक्टरों ने प्राथमिक स्तर पर मरीजों के शरीर से संभावित विषैले तत्वों को बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर सभी सात लोगों को सरकारी एंबुलेंस के माध्यम से नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार रेफर किए जाने के समय दो बच्चों और एक बुजुर्ग की स्थिति सबसे अधिक गंभीर थी।
घटना के बाद परिजनों ने आशंका जताई है कि दूध में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट हो सकती है। वहीं पीड़ित परिवार के सदस्य सोनू ने बताया कि परिवार की एक बकरी दिन के समय बीमार थी। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि खेतों में इस्तेमाल किए गए कीटनाशकों के संपर्क में आने से दूध प्रभावित हुआ हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि दूध पूरी तरह जहरीला होता तो सबसे पहले बकरी पर उसका असर दिखाई देता।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। दूध और अन्य नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना खाद्य विषाक्तता, किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट या किसी अन्य कारण से हुई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।







