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एचएयू हिसार में छात्रों का आंदोलन 18वें दिन भी जारी, 2 जुलाई से विश्वविद्यालय बंद करने की चेतावनी

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हिसार | चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में छात्रों का ऐतिहासिक आंदोलन आज 27 जून को 18वें दिन में प्रवेश कर गया। वीरवार को भी छात्र बड़ी संख्या में धरनास्थल पर डटे रहे। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं के महज तीन दिन बाद ही परिणाम घोषित कर दिए, जिसमें करीब 70% छात्र फेल हो गए। इस पर छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने के लिए परीक्षा परिणामों का इस्तेमाल कर रहा है।

1 जुलाई तक मांगे पूरी नहीं हुईं तो 2 जुलाई से हड़ताल तेज होगी

छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 1 जुलाई तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो 2 जुलाई से विश्वविद्यालय और सभी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने पहले 27 जून को चारों गेट बंद करने का ऐलान किया था, लेकिन सरकार को एक और अवसर देने के लिए फिलहाल उस निर्णय को टाल दिया गया है।

छात्रों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही, अधूरी घोषणाएं और छात्र हितों की अनदेखी के बावजूद वे अब भी सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और आगे किसी भी प्रकार की देरी आंदोलन को और उग्र कर सकती है।

छात्रावासों में सुविधाएं रोकी गईं, छात्राओं ने पुलिस को बुलाया

विवादों के बीच छात्रावासों में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल में पानी की आपूर्ति बंद कर दी, जिसकी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बुधवार देर रात गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन द्वारा हॉस्टल खाली करने का निर्देश भी जारी कर दिया गया।

इसके साथ ही मेस बंद कर दी गई, जिससे छात्र-छात्राओं को भोजन नहीं मिल पाया। हलात बिगड़ने पर छात्राओं ने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया, जिसके बाद उन्हें खाना उपलब्ध कराया गया। रातभर छात्र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।

लाठीचार्ज से शुरू हुआ था आंदोलन, अब VC को हटाने की मांग

इस आंदोलन की शुरुआत 10 जून को हुई थी, जब छात्र स्कॉलरशिप कटौती के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उस दौरान कथित रूप से कुछ विश्वविद्यालय अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज की गई और एक अधिकारी की गिरफ्तारी भी हुई। उसी दिन से छात्र वीसी को हटाने और अन्य मांगों को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं।

बुधवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से बातचीत के बाद यह सहमति बनी थी कि कुलपति को 6 माह की छुट्टी पर भेजा जाएगा। अब छात्र इस निर्णय का आधिकारिक लिखित आदेश चाहते हैं।

 

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