चंडीगढ़ | दिवाली के बाद चौथे दिन शुक्रवार को देश के अधिकांश शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। अब बहुत खराब श्रेणी (AQI 300-400) में केवल तीन शहर ही रह गए हैं। ये शहर हरियाणा के बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और फतेहाबाद हैं, जिनका AQI क्रमशः 318, 312 और 309 दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली का AQI भी 275 तक गिर गया, जो कि खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा राज्य के अन्य शहरों में भी शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में गिरावट आई है।
वीरवार को देश के सबसे प्रदूषित छह शहरों में से तीन हरियाणा के थे। बहादुरगढ़ और धारूहेड़ा सबसे अधिक प्रदूषित शहर थे, जिनका AQI क्रमशः 325 और 322 था। वहीं, जींद का AQI 302 था, जो शुक्रवार को 239 तक गिर गया।
दीवाली के अगले दिन, राज्य के दो शहरों का AQI 400 से ऊपर और दस शहरों का AQI 300 से ऊपर था। शुक्रवार को बल्लभगढ़ (92) और नारनौल (63) में वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि यमुनानगर (158), पलवल (120), पंचकूला (177), हिसार (170) और फरीदाबाद (198) मध्यम श्रेणी में रहे।
इसके अलावा, अंबाला (211), भिवानी (241), चरखी-दादरी (268), गुरुग्राम (219), कैथल (297), करनाल (269), कुरुक्षेत्र (210), सिरसा (214) और सोनीपत (220) का AQI अभी भी खराब श्रेणी में है। चंडीगढ़ PGI के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल का कहना है कि वायु गुणवत्ता में सुधार का मुख्य कारण तेज हवा का बहाव और मौजूदा मौसम में ठंडक का कम होना है।
पराली जलाने के मामले:
प्रदेश में शुक्रवार को दो जगह पराली जलाने की घटनाएँ सामने आईं, जिनमें दो किसानों को रेड एंट्री दी गई। 20 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक प्रदेश में 24 पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं। अब तक कुल 62 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 75 किसानों की रेड एंट्री की जा चुकी है।







