चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार अब जनगणना को पूरी तरह डिजिटल करने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पंचकूला, हिसार और फरीदाबाद में 10 से 30 नवंबर 2025 तक ट्रायल किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य यह देखना है कि डिजिटल माध्यम से जनगणना करने में कोई समस्या तो नहीं आती। पहली बार नागरिक खुद भी अपने डेटा को मोबाइल ऐप के माध्यम से भर सकेंगे।
मोबाइल ऐप के जरिए आसान प्रक्रिया
इस नई पहल के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया गया है, जिससे कागजी काम कम होगा। 2027 में होने वाली मुख्य जनगणना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब डेटा संग्रह और संकलन कंप्यूटर और मोबाइल ऐप के जरिए किया जाएगा।
हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक ललित जैन ने बताया कि भारत में पहली बार स्व-गणना के माध्यम से मोबाइल ऐप से डिजिटल डेटा संग्रह किया जाएगा, जिससे भारी कागजी कार्य समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है और आंकड़ा संग्रह में नई तकनीकी मानक स्थापित करेगी।
प्रशिक्षण और निगरानी पर जोर
जैन ने बताया कि इस बार मुख्य ध्यान जनगणना वेब पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण और निगरानी पर होगा, जिससे सटीकता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके। डेटा संग्रह के लिए कोडित प्रतिक्रियाओं का उपयोग किया जाएगा, जिससे न्यूनतम वर्णनात्मक प्रविष्टियां होंगी।
पूर्व-परीक्षण और आगामी चरण
पूर्व-परीक्षण अभ्यास में आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों की जानकारी एकत्र की जाएगी। 10 नवंबर से पहले प्रशिक्षण और प्रारंभिक कार्य 17 अक्टूबर से शुरू होंगे। अधिकारियों के अनुसार, जनगणना-2027 दो चरणों में होगी:
- मकान सूचीकरण चरण: अप्रैल से सितंबर 2026 तक
- जनसंख्या गणना चरण: फरवरी 2027
इस पहल से जनगणना प्रक्रिया को तेज, सटीक और डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में डेटा संग्रह और विश्लेषण और आसान हो जाएगा।







