चंडीगढ़। हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने फतेहाबाद, हिसार, जींद, करनाल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, पानीपत, रोहतक और सोनीपत जिलों में आज मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।
चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा जारी ताजा अलर्ट के मुताबिक, अगले तीन घंटों में महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में भी बारिश होने की संभावना है।
सुबह से ही अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में बादल छाए हुए हैं, जबकि फतेहाबाद, सिरसा और हिसार में रुक-रुककर बारिश दर्ज की जा रही है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात में भी कई जिलों में तेज बारिश हुई।
कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और राजस्थान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण नमी भरी हवाएं उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रही हैं। इससे हरियाणा के अधिकांश इलाकों में 7 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
सोमवार शाम मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। सिरसा की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश करते ही हिसार और फतेहाबाद में तेज बारिश शुरू हो गई। कई जगह बिखरी हुई बारिश देखी गई, जबकि सिरसा जिले के जमाल गांव में हल्की ओलावृष्टि भी हुई, जिससे कपास की फसल को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 अक्टूबर तक राज्यभर में रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है, जबकि 8 अक्टूबर से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।







