चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार एक बार फिर युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को शासन में शामिल करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी फेलोशिप कार्यक्रम एक जनवरी 2026 से दोबारा शुरू होगा। यह योजना 2016 में शुरू की गई थी लेकिन पिछले दो वर्षों से बंद थी। पिछली बार 2022-23 में इस कार्यक्रम के लिए बैच चुना गया था।
युवाओं की शक्ति बनेगी शासन की ताकत
इस फेलोशिप का उद्देश्य देशभर के मेधावी युवाओं को राज्य की नीतियों और योजनाओं से जोड़ना है। चयनित युवाओं को जिले के उपायुक्त के साथ जोड़ा जाएगा और उन्हें एक योजना की जिम्मेदारी दी जाएगी। ये युवा उस योजना की निगरानी करेंगे, कमियां पहचानेंगे और उपायुक्त को फीडबैक देंगे। इस आधार पर प्रशासन योजनाओं को और मजबूत करेगा।
पहले से ज्यादा लाभ, अब मिलेगा 1 लाख रुपये
पहले इस फेलोशिप में 80 हजार रुपये मानदेय मिलता था, अब सरकार इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रतिमाह कर रही है। इसके साथ आवास, यात्रा और मोबाइल भत्ता भी मिलेगा। राज्य सरकार इस कार्यक्रम से जुड़े युवाओं को बाद में अपने साथ भी जोड़ सकती है। वर्तमान में लगभग 27–28 फेलो शासन व्यवस्था में काम कर रहे हैं।
चयन प्रक्रिया और पात्रता
इस बार कुल 25 युवाओं का चयन किया जाएगा। इनमें 22 को जिलों में और 3 को मुख्यालय में तैनात किया जाएगा।
- उम्र सीमा : अधिकतम 28 वर्ष
- शैक्षिक योग्यता : किसी भी विषय में स्नातकोत्तर
- भाषा ज्ञान : हिंदी का अच्छा ज्ञान अनिवार्य
- कौशल : विश्लेषण क्षमता, मल्टीटास्किंग और टीम नेतृत्व
चयनित युवाओं को एक महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें फील्ड में भेजा जाएगा।
देशभर में लोकप्रिय होती पहल
इस कार्यक्रम से जुड़े युवाओं ने पहले भी कृषि, शिक्षा, ई-गवर्नेंस, गरीबी उन्मूलन और सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में अहम योगदान दिया है। हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसी तरह की योजना शुरू की है, जिसमें हर महीने 50 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।







