चंडीगढ़ | एजेएल प्लॉट आवंटन मामले में ट्रायल पर लगी रोक को हटाने के लिए सीबीआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सीबीआई की याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को नोटिस जारी किया।
मामला क्या है?
1 दिसंबर 2018 को सीबीआई ने हुड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा (जिनका अब निधन हो चुका है) और एजेएल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप है कि 2005 में पंचकूला में एजेएल को एक औद्योगिक प्लॉट गैरकानूनी तरीके से दोबारा आवंटित किया गया।
अप्रैल 2025 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने हुड्डा और एजेएल पर धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 13(1) व 13(2) के तहत आरोप तय किए।
ट्रायल पर रोक कैसे लगी?
जुलाई 2021 में एजेएल की याचिका पर हाईकोर्ट ने ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी थी। बाद में यह रोक कई बार बढ़ाई गई और हाल ही में 27 अक्टूबर 2025 तक के लिए लागू की गई।
हालांकि, सीबीआई का कहना है कि हाईकोर्ट का चार साल पुराना आदेश अब सुनवाई को अनावश्यक रूप से लंबा कर रहा है। इसलिए एजेंसी ने रोक हटाने की मांग की है।
हाईकोर्ट में सुनवाई
सीबीआई की ओर से अधिवक्ता रवि कमल गुप्ता ने दलील दी कि रोक जारी रहने से केस आगे नहीं बढ़ पा रहा। अदालत ने दलीलों को संज्ञान में लेते हुए अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2025 को तय की है।
कांग्रेस कनेक्शन
सीबीआई का आरोप है कि यह प्लॉट एजेएल को कांग्रेस नेताओं, खासकर गांधी परिवार के प्रभाव में अवैध रूप से आवंटित किया गया था। एजेएल, जो नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित करता है, गांधी परिवार से जुड़ी यंग इंडिया लिमिटेड के नियंत्रण में बताया जाता है।







