Home Haryana हरियाणा: परिवार पहचान पत्र से जुड़ेंगे भूमि और टैक्स रिकॉर्ड

हरियाणा: परिवार पहचान पत्र से जुड़ेंगे भूमि और टैक्स रिकॉर्ड

132
0

चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (PPP) का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब पीपीपी धारकों का भूमि स्वामित्व और टैक्स से जुड़ा डाटा भी इस प्रणाली में जोड़ा जाएगा। इसके तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के रिकॉर्ड — जैसे आयकर रिटर्न, बैंक अकाउंट, स्रोत पर कर कटौती (TDS) और अन्य वित्तीय लेनदेन — को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जाएगा।

वर्तमान में प्रत्येक पीपीपी आधार और एक ही बैंक खाते से लिंक है। लेकिन दूसरे चरण में इसका विस्तार कर इसमें व्यापक वित्तीय और संपत्ति संबंधी दस्तावेज शामिल किए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, सीबीडीटी डेटाबेस जुड़ने के बाद फैमिली आईडी से जुड़े बैंक खातों और आयकर विवरण तक सीधी जानकारी उपलब्ध होगी। इससे किसी व्यक्ति या परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुंचे।

राज्य स्तरीय पीपीपी कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि इस योजना की उच्च स्तरीय समीक्षा पूरी हो चुकी है। फिलहाल राज्य में 76 लाख से अधिक परिवार पहचान पत्र जारी हो चुके हैं, जिनमें से 40 लाख से ज्यादा परिवार बीपीएल श्रेणी में आते हैं।

खोला ने कहा कि भूमि अभिलेख और सीबीडीटी डेटा को जोड़ना कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब तक पात्रता का निर्धारण आय प्रमाण पत्र और आधार जैसे सीमित दस्तावेजों पर आधारित था।

सरकार का कहना है कि चरण-2 में इन डेटा सेट्स का विश्लेषण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रणालियों से किया जाएगा, जिससे और अधिक सटीक व व्यापक आकलन संभव होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here