गुरुग्राम | हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व ने देश और राज्य को विकास की नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है। उन्हीं की नीतियों के परिणामस्वरूप किए गए हालिया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार से आम उपभोक्ताओं और उद्योग जगत दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। कैबिनेट मंत्री सोमवार को मानेसर में जीएसटी जागृति अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
जीएसटी सुधार का लाभ:
राव नरबीर सिंह ने बताया कि 2017 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी परिषद का गठन हुआ। लगातार विचार-विमर्श और अध्ययन के बाद कर सुधार लागू किया गया। इस वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने नई स्लैब की घोषणा की, और मात्र एक महीने में इसे लागू कर दिया गया। अब केवल दो स्लैब—5% और 18% रह गए हैं।
इस बदलाव से आम नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा। कार, टू-व्हीलर, फ्रिज, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुएं सस्ती होंगी। सीमेंट और निर्माण सामग्री पर टैक्स घटने से घर बनाने की लागत कम होगी। वहीं, आयुर्वेदिक उत्पाद और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं आमजन की पहुँच में आएंगी।
व्यापार और उद्योग जगत पर प्रभाव:
सुधार से उद्योग और व्यापार में भी सकारात्मक असर होगा। सीमेंट और एफएमसीजी जैसे सेक्टरों में लागत घटने से मांग बढ़ेगी। टैक्स विवाद और प्रक्रियागत झंझट कम होंगे, जिससे कारोबारी अपना समय व्यवसाय बढ़ाने में लगा सकेंगे।
हरियाणा की जीएसटी उपलब्धियां:
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि हरियाणा जीएसटी संग्रह में देश में पांचवें स्थान पर है, जिसमें अकेले गुरुग्राम का लगभग 25% योगदान है। वर्ष 2017-18 में देशभर का कुल जीएसटी संग्रह ₹7.19 लाख करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹22.08 लाख करोड़ हो गया। हरियाणा का शुद्ध एसजीएसटी संग्रह 2018-19 के ₹18,910 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹39,743 करोड़ तक पहुँच गया, यानी 110% की वृद्धि दर्ज की गई।
डिजिटल और निवेश का सकारात्मक असर:
राव नरबीर सिंह ने कहा कि जीएसटी ने व्यापार में पारदर्शिता लाई है। सभी लेन-देन ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से टैक्स चोरी पर रोक लगी है, और छोटे व्यवसाय भी औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं। यह प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विज़न को साकार करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जीएसटी सुधार निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा, जिससे ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। इसका लाभ सीधे युवाओं को मिलेगा और रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।







