चंडीगढ़। देश की मिट्टी के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले वीर जवानों को सम्मान देने के लिए हरियाणा सरकार ने एक अहम पहल शुरू की है। राज्य के शिक्षा विभाग (स्कूल) ने फैसला लिया है कि हरियाणा के 75 स्कूल अब शहीद सैनिकों के नाम से जाने जाएंगे।
यह निर्णय 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले राज्य स्तरीय ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम का हिस्सा है। दो हफ्तों तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देना और विकास योजनाओं को जन आंदोलन का रूप देना है।
सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव उन्हीं नए स्कूलों पर लागू होगा जो फिलहाल गांव के नाम से संचालित हो रहे हैं। पहले से शहीदों के नाम पर चल रहे स्कूलों को इस लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। स्कूलों के नाम बदलने की सूची जिला सैनिक कल्याण बोर्ड और शिक्षा विभाग की सलाह से तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया 10 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी ताकि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सभी स्कूलों के नाम बदल सकें।
शनिवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस पूरे अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान तय हुआ कि सेवा पखवाड़ा के दौरान हर दिन राज्यभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि जिलों में मंत्री जिम्मेदारी संभालेंगे।
इसके साथ ही पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी से पूरे प्रदेश में प्लास्टिक मुक्त अभियान और व्यापक स्वच्छता आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं, स्कूलों और कॉलेजों में निबंध लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, रंगोली और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होगा।
गौरतलब है कि 17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सेवा पखवाड़ा खास तौर पर रखा गया है।







