राई। खेल विश्वविद्यालय में एक महिला अधिकारी द्वारा सहायक प्रोफेसर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों ने पूरे संस्थान में हलचल मचा दी है। जिस सहायक प्रोफेसर पर अश्लील संदेश भेजने और देर रात कॉल करने के आरोप लगे हैं, वही विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का सदस्य था, जिसे यौन शोषण की शिकायतों की रोकथाम और निपटारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मामला सामने आने के बाद कुलपति अशोक कुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच उसी आंतरिक कमेटी को सौंप दी है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आरोपित सहायक प्रोफेसर डॉ. जयपाल मेहरा को कमेटी से हटा दिया गया है और उनकी जगह सहायक प्रोफेसर नीरज को शामिल किया गया है।
शिकायतकर्ता महिला अधिकारी ने कुलपति से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में आरोप है कि पत्रकारिता विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जयपाल ने दिसंबर 2025 के दौरान कई बार व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश भेजे और आधी रात के बाद कॉल कर परेशान किया। महिला अधिकारी ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए विभाग से तबादला भी करवा लिया, लेकिन इसके बावजूद जनवरी में आरोपी द्वारा दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई।
महिला अधिकारी ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ साक्ष्य भी कुलपति को सौंपे हैं। सूत्रों के अनुसार, जिस कमेटी को जांच सौंपी गई है, उसी में पहले आरोपी भी सदस्य था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जांच प्रक्रिया के तहत पीड़िता को कमेटी के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बयान दर्ज होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने विश्वविद्यालय में आंतरिक शिकायत प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे लेकर अब प्रशासन की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।







