कुरुक्षेत्र, 6 दिसंबर – गुरुकुल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाया।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आए पुलिस उप-अधीक्षक मु अशोक कुमार ने विद्यार्थियों को नशा से बचाव के प्रति जागरूक किया। साथ ही विद्यार्थियों की इस विषय पर कई शंकाओं का निवारण भी किया। विद्यार्थियों को नशा न करने की शपथ भी नहीं दिलाई गई।
इससे पहले जिला यातायात समन्वयक उपनिरीक्षक रोशन लाल ने विद्यार्थियों को यातायात के नियमों और साइबर अपराध से बचने की जानकारी दी। नशे का सेवन करने से होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान से अवगत कराया। साथ ही नशा से बचने का तरीका भी समझाया। उन्होंने समझाया कि नशा शरीर का नुकसान करने के साथ सामाजिक प्रतिष्ठा भी को बर्बाद कर देता है। जागरूक रहकर ही नशे से बचाव संभव है। अगर एक बार भी गलती से नशे को छुआ तो नशा शौक से कब शोक में बदल जाएगा, इसका पता भी नहीं चलेगा।
उधर, विद्यार्थियों ने डीएसपी अशोक कुमार से नशे की किस्म, नशे की तस्करी, कानूनी प्रावधान, नशे को रोकने, पुलिस की कार्रवाई समेत नशे से संबंधित कई प्रश्न उठाए। डीएसपी ने विद्यार्थियों की एक-एक सवाल का जवाब देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया। डीएसपी ने बताया कि कुछ लोगों को लगता है कि नशे की तस्करी करके जल्दी अमीर बन सकते हैं। उनको लगता है कि यह काम में ज्यादा पैसा है, मगर नशा बेचकर कोई अमीर नहीं बन सकता है, बल्कि उसकी जिंदगी सलाखों के पीछे जरूर कटती है। अब पुलिस आरोपी की नशे से कमाई धन-दौलत और जायदाद को जब्त कर रही है। इस मौके पर गुरुकुल प्रबंधक रामनिवास आर्य, संजीव आर्य, राजीव आर्य समेत गुरुकुल के सदस्य मौजूद रहे।
बिहार में श.राब बंद तो हरियाणा में क्यों नहीं?
मिहिर ने सवाल किया कि बिहार में श.राब बंद है तो हरियाणा में बंद क्यों नहीं है। बच्चे की शंका का समाधान करते हुए डीएसपी ने समझाया कि शराब प्रतिबंधित नशा नहीं है, बल्कि वैधानिक नशा है। यह सरकार की पॉलिसी है और उस पॉलिसी के मुताबिक ही शराब की बिक्री हो सकती है। उससे अलग कुछ करने पर पुलिस चालान भी करती है।
आर्यन से डीएसपी से सवाल किया कि अगर देश में नशीले पदार्थ बैन है तो नशा कहां से और क्यों आ रहा है। इस पर डीएसपी ने समझाया कि नशा कहीं से आ नहीं रहा है बल्कि उसकी खेती होती है। खेती करने वाले कई लोग लालच में आकर उसे तस्करों को बेच देते हैं। दवाओं को डालने के लिए कुछ मादक पदार्थों की खेती होती है।







