फरीदाबाद। जिले की अनाज मंडियों में रात आई आंधी-बारिश ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। खुले आसमान के नीचे पड़े लाखों कट्टे गेहूं भीग गए, जिससे फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। पहले से ही मौसम की मार झेल रहे किसानों को अब और नुकसान की आशंका सता रही है।
जानकारी के अनुसार, आधी रात के बाद तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो सुबह तक जारी रही। इसके चलते मंडियों में रखा गेहूं भीग गया। सबसे बड़ी समस्या यह है कि धीमी ढुलाई और भंडारण व्यवस्था की कमी के कारण गेहूं का उठान समय पर नहीं हो पा रहा है।
ट्रांसपोर्टरों की सुस्त रफ्तार और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में ट्रकों की धीमी अनलोडिंग के चलते मंडियों में अभी भी भारी मात्रा में गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। मौसम लगातार खराब बना हुआ है, जिससे नुकसान बढ़ने का खतरा और गहरा गया है।
आढ़ती सुनील मित्तल का कहना है कि शुरुआती बूंदाबांदी से गेहूं में ज्यादा नमी नहीं आई है, लेकिन यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गेहूं के उठान में तेजी लाई जाए, ताकि फसल को सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाया जा सके।
दूसरी ओर, किसानों को अब तक उनकी उपज का भुगतान भी नहीं मिल पाया है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है। किसान मंडियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि यदि समय रहते ढुलाई और भंडारण की व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो हजारों क्विंटल गेहूं खराब हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह तुरंत प्रभावी कदम उठाकर किसानों को राहत पहुंचाए।







