हरियाणा | हरियाणा सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। सरकार अग्रसेन ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट को आकार देने की तैयारी कर रही है, जो लगभग 2,231 वर्ग किलोमीटर (5,51,159 एकड़) क्षेत्र में फैला होगा। इसमें हिसार, बरवाला, भुना, फतेहाबाद, भट्टू मंडी, आदमपुर और सीसवाल गांव जैसे इलाके शामिल किए जाएंगे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने हिसार में प्रेस वार्ता कर बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट के लिए हिसार-अग्रोहा मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी को मास्टर प्लान तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है।
सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बनेगा अग्रोहा
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसे महाराजा अग्रसेन द्वारा स्थापित 18 गोत्रों पर आधारित 18 नगरों के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अग्रोहा को विश्व पुरातात्विक मानचित्र पर स्थापित किया जाए। यहां खुदाई से मिले प्राचीन अवशेषों को प्रदर्शित करने के लिए एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही अग्रोहा और आसपास के प्राचीन टीलों की जियो-टैगिंग कर उन्हें संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाएगा, ताकि इनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विकास और रोजगार की नई राह
डॉ. गुप्ता के अनुसार, यह प्रोजेक्ट न केवल हरियाणा की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन, होटल-हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। उनका मानना है कि अग्रसेन ग्लोबल सिटी से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक धरोहर दोनों को नई दिशा मिलेगी।







